
टीकमगढ़। जिले में मंदिरों से चोरी की वारदातों का सिलसिला लंबे समय से जारी बना हुआ है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी अज्ञात चोर हाथ साफ करते आ रहे हैं। बढ़ती चोरी की वारदातों को रोकने एवं अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिर$फतार करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई द्वारा थाना प्रभारियों को निर्देेशित किया जाता रहा है। बीते दिनों मोहनगढ़ थाना अंतर्गत हुई चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए एसपी द्वारा बनाई गई रणनीति आखिर कामयाब हुई और घटना के आरोपियों को गिर$फतार कर लिया गया। बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में मोहनगढ पुलिस ने मंदिर मे चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया मशरूका कीमती 86 हजार का आरोपियों से किया बरामद किया गया। घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि 10 जून 2025 को थाना मोहनगढ में फरियादी द्वारा ग्राम अर्चरा के सरोवर तटवासिनी माता मंदिर में से चोरी होने संबंधी रिपोर्ट लेख कराई थी, जिस पर थाना मोहनगढ में अपराध क्रमांक 202/2025 धारा 331(4), 305 बीएनएस का पंजीबद्ध किया गया। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ मनोहर सिंह मंडलोई के द्वारा उक्त घटना को गंभीरता से लिया गया एवं आरोपियों की गिरफ्तारी एवं माल मशरूका बरामद करने हेतु निर्देशित किया गया एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु 5000 के इनाम की घोषणा की गई । पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम, एसडीओपी जतारा अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन में उक्त चोरी की घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु थाना प्रभारी मोहनगढ़ निरीक्षक कमल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया । चोरी की घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने पर नगरवासियों ने सराहना की है।
इन दो आरोपियों को दबोचा-
पुलिस टीम द्वारा उक्त चोरी के अपराध के अज्ञात आरोपियों की तलाश पतारशी एवं खुलासा हेतु मुखबिर तंत्र एवं साइबर सेल की सहायता ली गई, जिस पर आरोपीगण को चिन्हित कर आरोपी नकुल पिता स्वर्गीय राम प्रसाद यादव उम्र 31 साल एवं आकाश वर्मा पिता स्वर्गीय महेन्द्र वर्मा उम्र 25 साल निवासी सुभाष नगर मोहल्ला बीएचईएल थाना बबीना जिला झांसी उप्र को गिरफ्तार कर आरोपीगणों से सोने के दो बीजासेन, एक सोने की नथ, तीन चांदी के बीजासेन, एक पैशन प्रो मोटर साईकिल कुल मशरूका कीमती करीबन 86 हजार रूपये का बरामद किया। उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल सिंह ठाकुर, उनि संदीप चौधरी, प्रधान आरक्षक तेज सिंह सोलंकी, कैलाश विश्वकर्मा, आरक्षक पुष्पराज, रविन्द्र, हितेश, अंकुल, प्रशांत, झल्ल्रू प्रसाद, लक्ष्मी प्रसाद, सदन, महिला आरक्षक ललिता एवं एनआरएस पंचम का सराहनीय योगदान रहा है ।








