हरपालपुर। नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की लगातार कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन-रात में 15 से 20 बार बिजली का आना-जाना आम हो गया है, जिससे गर्मी और उमस में बिना पंखे, कूलर या एसी के रहना असंभव हो रहा है। बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
रविवार को आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण हरपालपुर बिजली वितरण केंद्र पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने ताला लगाकर भाग लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि तीन दिन में बिजली व्यवस्था ठीक न हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। उल्लेखनीय है कि सरसेड़, गलान, लहदरा, मडोरी, चपरन, काकुनपुरा, और कैथोकर जैसे गांवों में बिजली की स्थिति बद से बदतर है। झूलते तार, पुराने ट्रांसफॉर्मर और घटिया मरम्मत ने बिजली आपूर्ति को नाममात्र का बना दिया है। सरसेड़ गांव के भैया राजा, जितेंद्र सिंह सेंगर, भगवत नारायण यादव, विशाल सिंह, और राजेश पटेरिया सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि रातभर बिजली गायब रहती है, और फॉल्ट के नाम पर सरसेड़ फीडर को बंद कर दिया जाता है। पिछले छह महीनों में सरसेड़ में छह ट्रांसफॉर्मर खराब हो चुके हैं, और विभाग ने केवल आंदोलन के बाद ही कार्रवाई की। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हो रहा, जिससे आमजन और व्यवसायी परेशान हैं।








