छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों अपनी तीन देशों की यात्रा पर हैं। वे ऑस्ट्रेलिया के बाद फिजी पहुंचे, जहां उन्होंने तीन दिनों की हनुमंत कथा के दौरान यहां रहने वाले हजारों फिजी इंडियंस के साथ मुलाकात की और फिजी देश के कई अलग-अलग शहरों में कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान फिजी के नाडी शहर में तीन दिवसीय हनुमंत कथा हुई और इसके बाद उन्होंने फिजी के विश्व प्रसिद्ध नाग मंदिर पहुंचकर इस प्राचीन मंदिर के दर्शन किए। मान्यता है कि यह महाभारत काल का नाग मंदिर है। फिजी के लंबासा में स्थित यही नाग मंदिर भगवान कृष्ण द्वारा महाभारत काल में किए गए कालिया मर्दन से जुड़ा है। दरअसल, महाभारत काल में भगवान कृष्ण ने यमुना में रहने वाले विषैले नाग कालिया का मर्दन किया था, उसके अहंकार को तोड़ा था, और उसके बाद कालिया नाग की पत्नियों के आग्रह पर उन्हें यमुना से दूर इसी रमणीक द्वीप पर स्थान दिया था। ऐसा माना जाता है कि कालिया नाग इसी रमणीक द्वीप पर रहते हैं और उन्हीं की स्मृति में यहां एक प्राचीन नाग मंदिर है।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने नाडी और लंबासा के बाद फिजी की राजधानी सुबा में भी एक दिवसीय प्रवचन माला का आयोजन किया। उनकी उपस्थिति में सुबा के एक बड़े जिमनेशियम हॉल में आयोजित हुई इस एक दिवसीय कथा के दौरान सुबह में रहने वाले हजारों लोग उन्हें सुनने पहुंचे। यहां एक और इतिहास रचा गया। एक तरफ जहां सूबा में रहने वाले हजारों भारतीय फिजी उन्हें सुनने पहुंचे, तो वहीं दूसरी तरफ मंच के ठीक सामने फिजी की सभी राजनीतिक पार्टियों के बड़े-बड़े राजनीतिक दिग्गज भी मौजूद रहे। यहां फिजी के दो उप-प्रधानमंत्री जिनमें विमान चंद्र प्रसाद और उप प्रधानमंत्री मानोआ कमिकमिदा उपस्थित रहे, तो वहीं पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र पाल चौधरी और सांसद प्रवीण बाला भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान फिजी में भारतीय राजदूत सुनील मैदा भी उपस्थित रहे। इन राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति में और हजारों सेवा भावी भक्तों की मौजूदगी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने एक दिवसीय प्रवचन माला के माध्यम से हनुमान जी के चरित्र को सभी के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हनुमान जी का चरित्र संपूर्ण विश्व को आनंद देने वाला चरित्र है और लोगों को संकटों से मुक्ति दिलाने वाला चरित्र है। कार्यक्रम के दौरान पहली बार फिजी के इतिहास में इतना बड़ा आयोजन हुआ, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के बड़े दिग्गज राजनेता उपस्थित रहे। इस मौके पर फिजी के उप-प्रधानमंत्री मकाऊ कमीदा ने मंच पर आकर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर का स्वागत किया और उनकी इस यात्रा से फिजी को होने वाले लाभ के बारे में भी बात की। इस मौके पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने भी मंच से कहा कि फिजी और भारत दोनों ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि फिजी अगर चाहे, तो भारत की संस्कृति और भारत के लोगों के माध्यम से अपने देश के विकास में एक अहम भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के दौरान फिजी सरकार की ओर से भी उनका अभिनंदन किया गया।









