
बकस्वाहा। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर छतरपुर जिले के प्राचीन और सिद्ध तीर्थ स्थल पड़रिया धाम में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में चरण दर्शन महोत्सव का अत्यंत श्रद्धापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचकर भगवान के चरणों का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते नजर आए।
इस धार्मिक आयोजन का नेतृत्व वृंदावन से पधारे पूज्य महंत श्री किशोर दास जू महाराज के सान्निध्य और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। साथ ही बांके बिहारी जी का भव्य श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पड़रिया धाम में हो रहा भव्य मंदिर निर्माण
वर्तमान में मंदिर का पुनर्निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। राजस्थान से लाए गए विशेष पत्थरों से मंदिर को भव्य रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवासीय कक्षों का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तजनों को ठहरने में कठिनाई न हो।
पड़रिया धाम में विराजमान है दुर्लभ श्याम तमाल वृक्ष
महंत किशोर दास जू महाराज ने बताया कि श्याम तमाल का यह पवित्र वृक्ष वृंदावन के अतिरिक्त पूरे भारतवर्ष में केवल पड़रिया धाम में ही पाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह वृक्ष भगवान श्री बांके बिहारी जी के प्रत्यक्ष समक्ष स्थित है, जो इसकी अलौकिकता को और भी विशेष बनाता है। तमाल वृक्ष का श्रीकृष्ण लीला में विशेष स्थान है। यह वृंदावन की रासलीला, कुंजों और निकुंज लीलाओं में बार-बार वर्णित होता है। ऐसे में इस वृक्ष की उपस्थिति पड़रिया धाम को एक अद्वितीय स्थान प्रदान करती है। इसी कारणवश पड़रिया धाम को बुंदेलखंड का वृंदावन कहा जाता है। यह स्थान न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक अनुभवों के लिए भी विशेष रूप से पूजनीय है।






