
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के परिप्रेक्ष्य में कहा कि हमने भागीरथ को नहीं देखा लेकिन हमारे प्रधानमंत्री वर्तमान समय के भागीरथ हैं जो केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड में गंगा को लाने का भागीरथी प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने बुंदेलखंडवासियों की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग धैर्यवान होते हैं और किसी के सामने झुकते नहीं है। उन्होंने महाराजा छत्रसाल का उदाहरण देते हुए कहा कि मुगलों ने पूरे देश में राज किया लेकिन महाराजा छत्रसाल की शूरवीरता से बुंदेलखंड ने कभी अधीनता नहीं स्वीकारी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी ने जब यह परिकल्पना अपने दिमाग में रखी तो उसके साथ बुंदेलखंड भी उनके हृदय बैठा था। यही वजह है कि देश की सबसे बड़ी और पहली महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ बुंदेलखंड की धरती से हो रहा है। इस परियोजना के साकार होने के बाद बुंदेलखंड, पंजाब और हरियाणा से भी आगे होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की जनता को 162 करोड़ के 18 विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक राजेश बबलू शुक्ला ने जो मांगें रखी हैं उन्हें भी पूरा किया जाएगा।









