
प्रख्यात कथा वाचक श्रीधाम वृंदावन से यात्रा में पधारे कौशिक जी महाराज ने कहा कि सदियों तक इस पदयात्रा को लोग जीवंत रखेंगे। इस पदयात्रा को देखकर हिंदु कायर नहीं है और न ही डरपोक है, उसे उसकी शक्ति बताने की देर थी, जो बागेश्वर महाराज ने बताई है। यह यात्रा देवालय और सेवालय की रक्षा के लिए हैं, यह यात्रा संस्कार और संस्कृति को बचाने के लिए है, इसलिए सभी एकजुट रहें।









