
छतरपुर। नगरपालिका छतरपुर द्वारा सोमवार को सभाकक्ष में अमृत परियोजना के अंतर्गत 9 स्व-सहायता समूह की 12 महिलाओं को अमृत मित्र का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जल की गुणवत्ता की निगरानी को सुनिश्चित करना और महिलाओं को सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। अमृत परियोजना के तहत यह प्रशिक्षण नगरपालिका और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित किया गया। सिटी मिशन मैनेजर सीपी गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के उपयोग, जल परीक्षण की तकनीक और जल स्रोतों की गुणवत्ता के मापदंडों के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पानी के पीएच स्तर, कठोरता, क्लोरीन की मात्रा और अन्य जरूरी गुणों की जांच करने के तरीके सिखाए बताए।प्रशिक्षण के माध्यम से जल की शुद्धता एवं गुणवत्ता के संबंध में आराधना पाठक रसायनज्ञ द्वारा जल परीक्षण का प्रयोग करके सिखाया गया। जिससे वे अपने क्षेत्रों में जल परीक्षण का कार्य कर सकें। अमृत मित्र के रूप में चयनित महिलाओं का मुख्य कार्य अमृत परियोजना अंतर्गत शहर में की का रही वाटर सप्लाई का उपभोक्ता के घर पर जाकर जल शुद्धता की पहचान कराकर और प्राप्त डेटा को नगरपालिका के साथ साझा करना होगा। जिससे सभी को स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो। साथ ही जल प्रबंधन को मजबूत बनाएगी एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त होगा। अमृत मित्र के रूप में चयनित महिलाएँ नगर के वार्डों में जल गुणवत्ता के महत्व को लेकर जागरूक करेंगी।उपयंत्री गोकुल प्रजापति नगरपालिका ने शहरवासियों से अपील की है कि जल की बचत करें और समय पर जलकर का भुगतान प्रतिमाह 22 तारीख के पूर्व अनिवार्य रूप से करे।इस अवसर पर पीएचई ओपी शुक्ला जिला सलाहकार, ज्योत्सना तिवारी, नपा से संदीप रैकवार, इजहार खान, पीडीएमसी से कपिल कुड़ैरिया तथा भरत सैनी सहित अमृत मित्र मौजूद रहे।









