
छतरपुर। राज्य आनंद संस्थान आनंद विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष कुमार के निर्देश पर क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र नौगांव में सागर संभाग के रेवेन्यू, पुलिस, नगरीय प्रशासन और ग्रामीण विकास के अधिकारी कर्मचारी तीन-तीन दिन का अल्पविराम ले रहे हैं। मंगलवार को दमोह जिले के प्रतिभागियों ने रिश्ते सेशन के बाद सेल्फ एक्सप्लोरेशन किया तो पाया कि उनके बहुत सारे संबंध ठीक नहीं है, एक प्रतिभागी ने कहा कि उन्होंने तो अपनी पत्नी के खिलाफ अपने माता-पिता को ही भड़का कर रखा हुआ, जिसका उन्हें आज पश्चात हुआ है अब वह घर जाकर पूरे परिवार के रिश्ते ठीक करेंगे। संभाग के प्रशिक्षण समान बाग लखन लाल असाटी के साथ प्रदीप महतो भोपाल, रामकेश टेकाम, अनिल कुमार राय सागर, आशा असाटी छतरपुर द्वारा अल्पविराम के टूल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को उन्हें अपने अंदर झांकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दमोह जिले के 40 प्रतिभागी प्रकृति के साथ बैठकर लंबा शांत समय ले रहे हैं और अपने चल अंदर चल रहे अंतद्र्वंद को देख पा रहे हैं खासकर कृतज्ञता, मदद, क्षमा, प्रेम और विश्वास जैसे भावों को देख पा रहे हैं। भूखे दो रोटी एक, रोटी कमजोर को मिलेगी या ताकतवर को? लखन लाल असाटी के इस प्रश्न पर पहले तो सभी प्रतिभागियों का कहना था रोटी ताकतवर को मिलेगी, पर जब उन्होंने प्रश्न किया कि ताकतवर माँ है और कमजोर उसका नाबालिग बेटा है तब रोटी किसे मिलेगी? प्रश्न पूरा होने के पहले ही प्रतिभागी चिल्लाने लगे रोटी तो कमजोर बेटे को ही मिलेगी, अब लखन असाटी ने प्रश्न किया कि कमजोर माँ है और ताकतवर जवान बेटा है अब रोटी किसे मिलेगी? फिर प्रतिभागी तुरंत बोल पड़े कि अब रोटी मां को ही मिलेगी। यह जो अंतर आ रहा वह संबंध के भाव के कारण ही आ रहा है, जहां-जहां हम संबंध देख पाते हैं वहां वहां हमारा व्यवहार और कार्य दोनों अच्छा हो जाता है। किसी सामूहिक भोज में खाना खाते समय भी जब हम संबंध नहीं देखते हैं तो अपनी प्लेट में बगल वाले का ध्यान न रखते हुए अधिक से अधिक जमा कर लेते हैं। कई बार नतीजा यह होता है कि दूसरे को खाना मिलने के लिए इंतजार करना पड़ता है व हमें अपनी प्लेट का अधिक खाना डस्टबिन में फेंकना होता है।






