
सरवई। स्थानीय मां वैष्णो मैरिज हॉल में गौरिहार विकासखण्ड के 20 गांव के दो सैकड़ा महिला पुरूष किसानों को अरूणोदय संस्था ने कार्बन परियोजना की जानकरी दी। कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार तत्वों से अवगत कराकर लोगों को जागरूक किया जाना कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य रहा।परंपरागत तरीके से किसानों की कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। अरूणोदय संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की एक झांकी किसानों को देखने को मिली। इसके माध्यम से बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से संस्थान लगातार कार्य कर रहा है। 6 हजार किसानों के सीधे सहयोग से 84 गांव में 1500 हेक्टेयर भूमि के लक्ष्य को कवर करते हुए काम कर रही है। दिल्ली से आए एफसीएफ के श्री निशांत ने बताया कि वायुमण्डल में बढ़ रही कार्बन की मात्रा को कम करना होगा। रसायनिक खादों के दुष्प्रभाव पर भी चर्चा हुई। सृजन संस्थान झांसी के श्री राकेश ने कार्यशाला में भूमि, आकश, वायु, जल और अग्रि को भगवान का रूप देते हुए इन्हें कुपोषित होने से बचाने का आह्वान किया। गौरिहार ब्लाक के सीईओ गोविंद सिंह राजावत ने चंदेलकालीन तालाबों के जीर्णोद्धार हेतु किसानों का सहयोग मांगा। इस अवसर पर पूर्व जपं अध्यक्ष रामविशाल बाजपेयी, बरहा सरपंच राजकुमार कुशवाहा, महेश द्विवेदी, चन्नीलाल गुप्ता, लक्ष्मण अनुरागी, राममिलन घोष, सुरेन्द्र अवस्थी झल्ला महाराज, असगर खान, सुरेश तिवारी, रमेश दादा, भारतभूषण निगम, केता अहिरवार, रिटायर टीआई कमल सिंह, रामसजीवन पटेल उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक अभिषेक मिश्रा ने किसानों का आभार जताया। वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय कुमार श्रीवास्तव ने संचालन किया। वहीं जयबिहारी घोष, सीमा, सोनेन्द्र द्विवेदी, रामहित अग्रिहोत्री, चन्द्रप्रकाश तिवारी, जयेन्द्र पटेल, दिग्विजय आदि का विशेष सहयोग रहा।









