
समस्या और मांग बताकर रखी निराकरण कराने की मांग
छतरपुर। शुक्रवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला इकाई ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें संपर्क ऐप में उपस्थिति सहित अन्य कार्य बंद करने की मांग की गई है।संघ की जिलाध्यक्ष स्वाती राय ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति एवं अन्य गतिविधियों को संचालित करने के लिए पोषण ट्रैकर ऐप राष्ट्रीय स्तर पर संचालित किया जा रहा है, किन्तु वर्तमान में जिला कार्यक्रम अधिकारी के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मैसेज भेजकर संपर्क एप में उपस्थिति देने का दबाव बनाने की कोशिश प्रदेश के विभागीय अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जो कि अनुचित है। ऐसे में संचालनालय द्वारा यह तय किया जाए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर एप में काम करना है या फिर संपर्क ऐप में। यदि पोषण ट्रैकर एप में कार्य करना है, तो संपर्क ऐप में उपस्थिति सहित अन्य सभी गतिविधियों को बंद किया जाए। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा हमें बेवजह परेशान किया जा रहा है। सुबह 8 बजे से लेकर शाम तक कार्य कराया जाता है। कार्यकर्ता तथा सहायिका को सुबह 8 बजे ग्रुप पर स्क्रीन शॉट डालने के निर्देश हैं, अगर किसी के घर में दिक्कत आ जाए या उसे देरी हो जाए और अवकाश का आवेदन डाला जाए तो अवकाश नहीं दिया जाता। इसके अलावा विभाग द्वारा दिया गया मोबाइल चलाने में दूर-दराज के गांवों में बाधा उत्पन्न हो रही है, साथ ही मोबाईल रिचार्ज के लिए दी जाने वाली 500 रुपए की राशि प्रतिमाह नहीं मिल रही है। एक अन्य कार्यकर्ता प्रियंका विश्वकर्मा ने कहा कि महंगाई के दौर में 13 हजार रुपए का अल्प मानदेय हमें मिल रहा है, जिससे हमारा घर नहीं चल पा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला इकाई द्वारा नियमितिकरण किए जाने, अन्य विभागों में ड्यूटी न लगाए जाने, एक ऐप पर ही काम कराने, वेतन दोगुनी करने, बुजुर्ग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की परेशान को ध्यान में रखकर उन्हें सहूलियत प्रदान करने की मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक आदेश नहीं दिए गए और मांगें पूरी नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।









