
गीता का ज्ञान देकर 9 जून को कराई जाएगी परीक्षा
छतरपुर। आधुनिक युग में युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और ग्रंथों से दूर होते जा रही है, ऐसे में सामाजिक संगठन प्रताप नवयुवक संघ पर्यावरण वाहिनी द्वारा बच्चों को सनातन धर्म और ग्रंथों से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल प्रताप नवयुवक संघ के द्वारा शहर के एक सैकड़ा बच्चों को गीता का अध्ययन कराया जा रहा है। एक माह तक अध्ययन कराने के बाद इन बच्चों की परीक्षा होगी और अव्वल आने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।प्रताप नवयुवक संघ पर्यावरण वाहिनी के प्रदीप सेन ने बताया कि आने वाली पीढ़ी को धर्म से जोडऩे के लिए इस्कॉन मंदिर के सहयोग से यह पहल की गई है। पिछले दिनों राजमहल परिसर में बच्चों को श्रीमद्भागवत गीता का वितरण किया गया था और इसके बाद 8 जून तक वृंदावन से आए विद्गव माधवदास द्वारा इन बच्चों को श्रीमद्भागवत गीता का अध्ययन कराया जा रहा है। 9 जून को इन बच्चों की परीक्षा होगी, जिसमें पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और ग्रंथों से जोडऩा है। इसके साथ ही बच्चे भारत की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत पढऩा भी सीख रहे हैं।







