
- जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने दी विनयांजलि
- आचार्य विद्यासागर के नाम पर होगा शहर का एक चौराहा: विधायक
छतरपुर। प्रख्यात जैनाचार्य आचार्यश्री विद्यासागर महाराज की 18 फरवरी 24 को हुए समतापूर्वक समाधिमरण के पश्चात जैन समाज छतरपुर द्वारा एक सर्वधर्म विनयांजलि सभा का आयोजन आर्यिकारत्न सृष्टिभूषण माताजी एवं आर्यिकारत्न श्री विश्वमति माताजी एवं ब्रह्मचारी विनोद भैया के आध्यात्मिक सानिध्य में पुरानी तहसील परिसर में भव्यता और गरिमा के साथ किया गया।
जैन समाज के प्रो. सुमति प्रकाश जैन एवं पंकज कुमार जैन ने बताया कि कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने आचार्यश्री की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर अपनी विनयांजलि अर्पित कर नमन किया। वहीं विधायक श्रीमती ललिता यादव द्वारा विनयांजलि अर्पित करते हुए शहर के एक चौराहे का नाम आचार्यश्री के नाम पर रखने व वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। ब्रह्मचारी विनोद भैया ने आचार्यश्री के साथ बिताये 40 वर्षों के संस्मरणों को सभी के समक्ष रखते हुए उनके मार्गदर्शन में समाज की बेटियों के लिए चलाए जा रहे प्रतिभास्थली, हथकरधा उधोग, अस्पतालों एवं दयोदय गौशालाओं आदि की चर्चा भी की। इस अवसर पर संभव बड़कुल द्वारा निर्मित आचार्यश्री के जीवन पर आधारित एक संक्षिप्त फि़ल्म भी दिखाई गई। वैभव जैन ने संगीतमय प्रस्तुतितियों से सभी को मंत्रमुग्ध किया। छोटे-छोटे बच्चों ने आचार्यश्री के द्वारा क्रियान्वित कार्यों को पोस्टरों के माध्यम से प्रसारित किया। आर्यिकारत्न सृष्टिभूषण माताजी ने आचार्य विद्यासागरजी महाराज के सानिध्य में बिताए समय की स्मृतियों को याद करते हुए अपनी विनयांजलि निवेदित की। कार्यक्रम का संचालन राजेश जैन बड़कुल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज उपाध्यक्ष अजय जैन फट्टा एवं रितेश जैन, कोषाध्यक्ष जितेंद्र जैन, सह मंत्री अजित जैन का अहम योगदान रहा। समाज की ओर से जैन समाज अध्यक्ष अरुण कुमार जैन एवं महामंत्री स्वदेश जैन द्वारा विनयांजलि सभा मे शामिल होने वाले शहर के समस्त प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त किया।
विनयांजलि देने पहुंचे यह प्रबुद्धजन
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक श्रीमती ललिता यादव, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति सुरेन्द्र चौरसिया, जिला भाजपा अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम, राष्ट्रीय सेवक संघ के सह संघ चालक गुरुप्रसाद अवस्थी, भालचंद्र नातू, भाजपा नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, कृष्ण विश्वविद्यालय के कुलपति बृजेन्द्र सिंह गौतम, महर्षि विद्या मंदिर के प्राचार्य सीके शर्मा, योगा संगठन के अध्यक्ष उपेन्द्र प्रताप सिंह लकी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के शंकरलाल सोनी, ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहिन कल्पना, गांधी आश्रम की दमयंती पाणी, आनन्द शर्मा, केएन सोमन, पंकज पाठक, वैश्य महासम्मेलन के प्रातीय महामंत्री गोविंद असाटी, आनन्द अग्रवाल, गिरजा पाटकर, कौशल किशोर घोष, सिक्ख समाज के अध्यक्ष सरबजीत सिंह, पेंशनर्स एसोसिएशन के ओपी शर्मा, हरप्रसाद अवस्थी, कवि अवनींद्र खरे, कायस्थ समाज के पूर्व अध्यक्ष सुरेश बाबू खरे, मुस्लिम समाज के मो. हनीफ खां, सिंधी समाज के लालचंद लालवानी सहित सोनी समाज, अग्रवाल समाज, गहोई समाज, चौरसिया समाज, ब्राम्हण समाज, ब्रह्मकुमारी दीदियां, पत्रकार, सामाजिक, व्यापारिक, राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारीगण, बुद्धिजीवी वर्ग और जैन समाज पुरुष-महिलाएं, युवा उपस्थिति रहे।








