छतरपुर। बारिश के मौसम में जिले में सर्पदंश के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में सांप के काटने से मौत के चार मामलों में पोस्टमार्टम किया गया। मृतकों में बच्चा कृतिक, बच्ची रक्षा सहित रचना और राकेश शामिल हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर रवि सोनी ने चारों मौतों की वजह सर्पदंश की पुष्टि की है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया के अनुसार, इससे पहले भी दो दिनों में सर्पदंश के 14 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इनमें एक मरीज को रेफर किया गया था, जबकि एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
झाड़-फूंक में समय गंवाना पड़ रहा भारी
डॉ. रवि सोनी ने बताया कि सांप के काटने के बाद कई लोग तत्काल अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवा देते हैं। हालत बिगडऩे के बाद मरीज को अस्पताल लाया जाता है, जिससे उपचार में देरी हो जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह की झाड़-फूंक के बजाय पीडि़त को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
बारिश में सुरक्षित जगहों की तलाश में निकलते हैं सांप
डॉक्टरों के मुताबिक बारिश के दौरान सांपों के बिल और जमीन में पानी भर जाता है। ऐसे में सांप और अन्य जीव-जंतु सूखी एवं सुरक्षित जगहों की तलाश में बाहर निकलते हैं। इस वजह से घरों, खेतों और आसपास के इलाकों में सांप मिलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लोगों को रात के समय बाहर निकलते और घर के आसपास सफाई करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।









