जिले के सटई सहित आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। यहां कई मकान धराशायी हो गए, खाने-पीने की सामग्री और मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए। सटई-छतरपुर और सटई-बिजावर मार्ग की पुलिया टूटने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। बिजली के खंभे गिरने और 24 घंटे से बिजली सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सटई के वार्ड नंबर 13 सटई निवासी मथुरा बाई जाटव का मकान बारिश में धराशायी हो गया, घर में रखा सारा अनाज और खाने-पीने की सामग्री नष्ट हो गई। मथुरा बाई की दो बकरियां और एक भैंस का बच्चा भी पानी के तेज बहाव में बह गए। वार्ड के ही वीरेन्द्र जाटव ने बताया कि पूरे इलाके में बारिश ने तबाही मचा दी है, चार-पांच मकान पूरी तरह गिर गए, बिजली के खंभे जमीन पर आ गिरे, लोगों का गेहूं और अन्य सामान बह गया। सटई-छतरपुर मार्ग पर रोरा पड़रिया गांव के पास पुल टूटने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। पडरिया चौकी पुलिस ने मौके पर बेरिकेड्स लगाकर रास्ता सील कर दिया है। सटई से बिजावर और सटई से बांदनी रोड की पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द अस्थाई पुल बनवाया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।









