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टीकमगढ़ से 16 हजार किमी की साईकिल यात्रा कर चुके अमन सोनी का हुआ सम्मानपिता की तबियत बिगडऩे पर करना पड़ी यात्रा स्थगित, जल्द होगी शुरू

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टीकमगढ़। देश में बेटियों को शिक्षित बनाने और उनकी सुरक्षा के लिए लोगों में जागरूकता लाना जरूरी है। इसी प्रकार प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए लोगों को चाहिए कि वह प्रकृति की रक्षा करें। अधिक से अधिक पौधारोपण कर धरती का श्रृंगार करें। मानवता और इंसानियत की कमी को दूर करना मुख्य उद्देश्य है। यह कहना है साईकिल यात्री अमन सोनी का। जो अब तक देश के अलग-अलग प्रांतों में जाकर लगभग 16 हजार किमी की यात्रा कर चुके हैं। श्री सोनी का कहना है कि पिता का स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण अचानक यात्रा बीच में ही रोकना पड़ी। जल्दी ही वह पुन: यात्रा को शुरू करेंगे। श्री सोनी यहां एक निजी सम्मान समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। बताया गया है कि नगर के देव आस्था पुस्तकालय में साइकिल से 12 ज्योतिर्लिंग और 4 चार धाम का यात्रा का संकल्प लेकर निकलने वाले अमन सोनी का यहां आने पर साल-श्रीफल से सम्मान किया गया। बताया गया है कि देव आस्था पुस्तकालय में पवन घुवारा ने टीकमगढ़ निवासी साईकिल यात्री अमन सोनी का साल-श्रीफल से सम्मान किया गया। इस मौके पर नगर के सभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे। इस संबन्ध में जानकारी देते हुए युवा व्यवसाई अभिप्रिंस घुवारा ने बताया कि अमन सोनी पिता सत्य नारायण सोनी आयु 25 वर्ष नगर के झिरकी बगिया इलाके में निवास करते हैं। वह 12 ज्योतिर्लिंग और 4 चार धाम की यात्रा कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। युवा यात्री अमन अब तक 16 हजार किमी की यात्रा कर लोगों को जागरूक कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, बेटी बचाओ, पेड़ बचाओ और मानव धर्म के लिए कार्य करो आदि का संदेश देना है। अब तक मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि प्रांतों की यात्रा कर चुके अमन नासिक में साइकिल छोडक़र टीकमगढ़ वापिस आए हैं। नासिक से वह जल्दी ही अपनी यात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि वह जल्दी ही नेपाल, काशी, केदारनाथ, भीमाशंकर सहित अन्य तीर्थ स्थानों की यात्रा पूरी करेंगे। अमन ने बताया कि वह बिना पैसा लिए यात्रा पर निकले थे, लेकिन उन्हें रास्ते में अब तक कहीं भी किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। ठहरने, भोजनादि का लोगों द्वारा प्रबंध किया जाता रहा है। अमन ने बताया कि उन्होंने यह यात्रा 20 अगस्त 2024 से शुरू की थी। इस यात्रा को एक वर्ष में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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