
नहदौरा में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का हुआ शुभारंभ
खजुराहो। एनवॉयरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित 11वीं राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन राजनगर जनपद के ग्राम नहदौरा में किया जा रहा है। रविवार को इस दो दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि डॉ वीरेंद्र नाथ पूर्व वैज्ञानिक जीसीएसआईआर-एनबीआरआई लखनऊ उप्र एवं पूर्व विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी रिपब्लिक भारत रहे। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ बीडी अहिरवार प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय बंडा जिला सागर, डॉ. सुरेश बौद्ध भोपाल मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ. कन्हैया त्रिपाठी पूर्व विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी रिपब्लिक भारत भारत सरकार एवं चेयर प्रोफेसर डॉ आंबेडकर चेयर ओन हुमन राइट्स एंड एनवायरमेंटल वैल्यूज केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब ने की।अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। ग्राम की छात्रा मुस्कान अहिरवार खुशी अहिरवार ज्योति आदिवासी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तदपुरांत ईएसडब्ल्यू समिति के बैज लगाकर अतिथियों का स्वागत वंदना दुबे, संचित लाहोटी और अमित पाल ने किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की सोविनिर का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। इसके अलावा आईसीबीसीपी लखनऊ के द्वारा न्यूज लेटर रिलीज किया गया, डॉ. अश्वनी कुमार दुबे अतिथि विद्वान शासकीय महाविद्यालय पिपरई जिला अशोकनगर के द्वारा नई शिक्षा नीति पर आधारित ऑर्गेनिक फार्मिंग विषय पर प्रयोग पुस्तिका का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र नाथ ने म्यूजियम के लिए हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। डॉ. बीडी अहिरवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे भौगोलिक क्षेत्र में और वृक्षारोपण करने की आवश्यकता है एवं मानव जाति को वृक्ष काटने से रोकने की प्रवृत्ति बनाना होगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि मानवीय मूल्यों को बचाना बहुत आवश्यक है इस विषय पर कार्य करने की आवश्यकता है। एनवॉयरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा डॉ वीरेंद्र नाथ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, डॉ बीडी अहिरवार को बेस्ट एकेडमिक अवार्ड तथा डॉ. कन्हैया त्रिपाठी को गोदावरी अकेडमी का सर्वोच्च अवार्ड नेशनल अमेजिंग गोदावरी मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया। आभार प्रदर्शन डॉ. अमित पाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने जताया। कार्यक्रम में नहदौरा सरपंच हरिश्चंद्र पटेल, डॉ. अरुण आर्य, डॉ. चित्रा आर्य, डॉ. कुसुम कश्यप, शोभाराम आठ्या, गोदावरी अकेडमी की डायरेक्टर वंदना दुबे सहित देश के विभिन्न प्रांतो से आए शोधार्थी, प्राध्यापक, वैज्ञानिक एवं गांव के गणमान्य जन उपस्थित रहे।









