Home डेली न्यूज़ उल्लास नव भारत साक्षरता के तहत असाक्षरों की होगी परीक्षा

उल्लास नव भारत साक्षरता के तहत असाक्षरों की होगी परीक्षा

43
0
Jeevan Ayurveda

कार्यक्रम को समयानुसार क्रियांवित करने के निर्देश
छतरपुर। जिले में उल्लास नव भारत साक्षरता के तहत असाक्षरों की संभावित परीक्षा फरवरी 2024 होना है। परीक्षा में बैठने का लक्ष्य 68581 रखा गया है। प्रत्येक ग्राम में सामाजिक चेतना केन्द्रों को सक्रिय किया जा रहा है। जिसमें असाक्षरों से संबंधित गतिविधियों आयोजित होगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तपस्या परिहार द्वारा जिला शिक्षा केन्द्र छतरपुर एवं डाईट नौगांव स्टाफ को उक्त कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। नवसाक्षरों हेतु पठन-पाठन सामग्री हेतु जन सहयोग की अपील की गयी है। पुस्तक दान कर असाक्षरों को समाज की मुख्य धारा में लाने में मदद मिलेगी। स्टेटमेंट- जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी शिवेन्द्र कुमार निगम ने शिक्षित वर्ग शैक्षणिक संस्थाओं एवं समाज सेवी संस्थाओं से उक्त कार्यकम में सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनानें में अपना अमूल्य सहयोग देने की अपील की।
उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यकम का कियान्वयन समय सीमा में कराने के निर्देश दिए हैं। फरवरी 2024 में आयोजित होने वाले मूल्यांकन परीक्षा में जिले का लक्ष्य 68581 निर्धारित किया गया हैं जिसमें विकासखण्ड छतरपुर में 8062, बिजावर में 8340, बक्स्वाहा में 6674, बड़ामलहरा में 10175, नौगांव में 11444, राजनगर में 7807, लवकुशनगर में 8454 और गौरिहार में 7625 असाक्षर शामिल होंगे। सामाजिक चेतना केन्द्रों का नियमित संचालन शिक्षक एवं अक्षर साथियों की मदद से किया जाये। इन केन्द्रों के संचालन हेतु आवश्यक सामग्री लाईट, पंखें, पेयजल बैठक व्यवस्था आदि कराई जाये। साथ ही शाला एवं सामाजिक चेतना केन्द्र में उपलब्ध रोलर बोर्ड, स्लेट, बत्ती, चाक, डस्टर, शब्द, चार्ट आदि की व्यवस्था एवं मॉनिटरिंग नोडल अधिकारी व शाला प्रभारी द्वारा की जाएगी। नोडल अधिकारी व शाला प्रभारी की जवाबदारी होगी कि 2011 की जनगणना के अनुसार असाक्षरों एवं अक्षर साथियों का चिन्हांकन कराते हुये असाक्षर पंजी रजिस्टर को अघतन करायें साथ ही सामाजिक चेतना केन्द्र का सतत् संचालन करवायें। असाक्षरों के पाठन पठन हेतु तैयार अक्षर पोथी प्रवेशिका का उपयोग करने एवं अक्षर पोथी की पीडीएफ फाइल को प्रत्येक अक्षर साथी तक अनिवार्यत: पहुंचाने की जवाबदारी नोडल अधिकारी व शाला के ग्राम प्रभारी की होगी। चिन्हित असाक्षरों को म्ंबी वदम ज्मंबी वदम के तहत शिक्षकों, छात्र व छात्राओं के माध्यम से पठन पाठन कराया जाये एवं पढ़ाने वाले छात्र एवं असाक्षरों की नामजद सूची तैयार की जावे। इसके अतिरिक्त शेष असाक्षरों को अक्षर साथियों के माध्यम से पठन पाठन कराया जाये।ग्राम वार्डों के शास भवन के एक कक्ष को सामाजिक चेतना केन्द्र के रूप में चिन्हित कर सामाजिक चेतना केन्द्र का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाये जिसकी नियमित मॉनिटरिंग का कार्य जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, प्राचार्य डाइट, सहा. परियोजना समन्वयक, बीआरसी, सीबीएसी संकुल प्राचार्य, जनशिक्षक तथा शाला प्रभारियों द्वारा किया जाएगा। पुस्तक दान कार्यक्रम का आयोजन करके घरों में उपलब्ध अनुपयोगी एफ.एल.एन. की पुस्तकें धार्मिक पुस्तकें आदि का नव साक्षरों के लियें एकत्र करायी जायें। अशासकीय शाला में उपलब्ध पुस्कालय की पुस्तकें एवं राज्य व केन्द्र सरकार की योजनाओं से संबंधित जानकारी के फोल्डर एवं पम्पलेट आदि का संकलित कर सामाजिक चेतना केन्द्रों में पठन-पाठन सामग्री पुस्कालय स्थापित कराई जावें नव साक्षरों को पढऩे की आदत बनाने (त्मंकपदह भ्ंइपजे) हेतु पुस्कालय में सामग्री उपलब्ध कराते हुये पढने हेतु प्रेरित किया जावे। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यकम अन्तर्गत साक्षर सप्ताह के दौरान की गई गतिविधियों का समय-समय पर किया जाकर व्यापक प्रचार प्रसार किया जावे। जिला स्तर पर जिला शिक्षा केन्द्र एवं डाईट स्टाफ के द्वारा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में सहयोग किया जावे। सभी सहायक परियोजना समन्वयक, डाईट के विकासखंड प्रभारी व्याख्याताओं को साक्षरता कार्यक्रम की गतिविधियों के सफल संचालन की जवाबदारी सौंपी जावे।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here