छतरपुर। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के तत्वावधान में छतरपुर के विश्वविद्यालय और स्कूलों में भारत की संस्कृति, धरोहर, स्वच्छता और योग के संकल्प के प्रति जागरूकता को लेकर नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुतियां शंखनाद नाट्य मंच द्वारा दी गईं इसमें सरस्वती विद्या मंदिर, सिंचाई कॉलोनी, ज्ञान सरोवर पब्लिक स्कूल, श्री कृष्णा विश्वविद्यालय और दक्ष फार्मेसी कॉलेज में छात्रों के समक्ष नुक्कड़ नाटक के पश्चात संपूर्ण वन्देमातरम का गान भी हुआ।
विभिन्न स्कूल, कॉलेज में लगभग ढाई हजार छात्रों और अतिथियों के समक्ष नुक्कड़ नाटक की टीम ने विकसित और बदलते भारत की तस्वीर को रेखांकित करते हुए उसके विकास में आम जनमानस के योगदान के संकल्प को भी साझा किया।नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि किस तरह हम सड़क पर कचरा न फेंककर, अपनी धरोहरों और विरासतों को स्वच्छ रखकर, नदियों को दूषित न करके कैसे अपने देश को ख़ुशहाल बना सकते हैं और पर्यटन को बढ़ावा देकर देश की जी डी पी में अपना अप्रत्यक्ष योगदान दे सकते हैं।योग, रंगमंच और भागवत गीता के निष्काम कर्म को समझकर हम पूरी ईमानदारी से अगर अपना कर्म करते हैं तो भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
इस मौके पर उपस्थित अतिथियों ने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज का आभार जताते हुए और कलाकारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सिर्फ 15 से 20 मिनट की इस प्रस्तुति ने बड़े ही सुंदर और भावपूर्ण तरीके से सारी महत्वपूर्ण बातों को सहेजकर मनोरंजक तरीके से दर्शाया।उन्होंने कलाकारों के अभिनय की तारीफ करते हुए कहा कि कलाकारों के आधे हुए अभिनय और गीत संगीत ने इसे एक नुक्कड़ नाटक की जगह एक संपूर्ण नाटक का बोध करा दिया है।सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने भारत देश के नवनिर्माण में अपना हरसंभव योगदान देंगे।










