टीकमगढ़। इन दिनों जिले में अपराधों का ग्राफ कुछ अधिक ही बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस की जिम्मेदारी कुछ अधिक ही बढ़ जाती है। देखा जाए तो थाना बल्देवगढ़ अपराधियों को पकडऩे और अपराधों को रोकने में अब तक कामयाब रहा है। थाना प्रभारी चंदन शाक्य और पुलिस टीम की बढ़ती सक्रियता और मुस्तैदी को लेकर लोगों ने खुशी जाहिर की है। हाल ही में गांव कन्नपुर अंतर्गत हुई दुष्कर्म की वारदात के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई थी। आला अधिकारियों के निर्देशन एवं थाना पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद 24 घंटे भी खुली हवा में सांस नहीं ले सका। आरोपी के संभावित ठिकानों पर दी गई दबिश के आद आरोपी को हवालात की हवा खिला दी गई। आरोपी के गिरफ्तार होने पर गांववासियों ने पुलिस के कार्यों की सराहना की है। बताया गया है कि थाना बल्देवगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म के एक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। बताया गया है कि 22 जुलाई 2025 को थाना बल्देवगढ़ में एक महिला द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें उसने एक व्यक्ति पर धार्मिक अनुष्ठान के बहाने अपने साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर थाना बल्देवगढ़ में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ सुधीर अग्रवाल के निर्देशन में आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मिलन पाल निवासी करमपुर, थाना बल्देवगढ़ को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बल्देवगढ़ सहित पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने टीम की तत्परता एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए उनकी सराहना की तथा निर्देश दिए कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता, त्वरित विवेचना एवं शीघ्र वैधानिक कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। ज्ञात हो कि श्री अग्रवाल के निर्देैशन एवं सूझबूझ के कारण ही प्रदेश के सीमावर्ती जिला श्योपुर में अमन और शांति व्यवस्था कायम रही। उम्मीद की जा रही है कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ही बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाया जा सकेगा।









