पलेरा। विकास कार्यों में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप आए दिन लगाए जाते रहे हैं। इन दिनों यहां के वार्ड क्रमांक 7 में बीते दिनों कराए गए सडक़ निर्माण कार्य के घटिया एवं मनमाने तरीके से कराए जाने के बाद से एक बार फिर भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी की चर्चाएं आम हो चली हैं। कहा जा रहा है कि अधिकारियों की सांठगांठ एवं कमीशनखोरी के कारण एक बार फिर घटिया निर्माण का मामला तूल पकडऩे लगा है। कहा जा रहा है कि यहां सडक़ निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सीसी सडक़ उखड़ चुकी है। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 7 में नालंदा स्कूल के पास कुछ माह पूर्व डाली गई सीसी सडक़ विकास के नाम पर की जा रही लीपापोती और धांधली के किस्से बयां कर रही है। कहा जा रहा है कि महज कुछ महीने पहले ही डाली गई सीसी सडक़ की स्थिति खस्ता नजर आने लगी है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने के आरोप लगाए जाने लगे हैं। यह सडक़ यहां की जाने बाली गड़बडिय़ों एवं धांधली को उजागर करती है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद उपयंत्री की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान किया जाता है। जबकि सीसी सडक़ निर्माण में सीमेंट और गिट्टी की निर्धारित मात्रा से कम उपयोग किया जा रहा है, जिससे सडक़ की उम्र 15-25 साल के बजाय मात्र 1 साल भी नहीं रही है। यह सडक़ कुछ ही दिनों में दम तोड़ती नजर आएगी। नगरीय इलाकों में विकास की राशि का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर वार्ड क्रमांक 7 की महिला पार्षद श्रीमती दीपा-मुकेश यादव ने एक शिकायती आवेदन पत्र नगर परिषद सीएमओ के नाम सौपा था। बताया गया है कि ठेकेदार रिषी भदौरिया के द्वारा निर्माण कार्य में की गई लापरवाही के चलते वार्ड वासियों में आक्रोश पनप रहा है। इस पूरे मामले में तत्काल कार्यवाही करते हुए पुन: सीसी निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की गई थी। पार्षद प्रतिनिधि मुकेश यादव ने बताया कि करीब एक महीने पहले उक्त ठेकेदार को सीसी सडक़ सुधार निर्माण संबंध में नोटिस जारी किया गया था। नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा भी वर्षा काल प्रारंभ होने के पहले सीसी सडक़ में गुणवत्ता एवं सुधार कराने की बात कही गई थी। लेकिन आपसी मिलीभगत के चलते अब तक यहां कोई निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि अब इस लापरवाही के संबंध में वार्ड वासियों के साथ कलेक्टर विवेक श्रोतिय से शिकायत की जाएगी।









