हरपालपुर। नगर में ब्रह्माकुमारीज के दिव्य धाम सेवा केंद्र ने विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस के अवसर पर एक बेहद प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका विषय था घर बने मंदिर। यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने वाला था, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और सच्ची सुरक्षा की नींव रखने का संदेश भी देता था।ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय केंद्र में आयोजित इस विशेष आयोजन की शुरुआत ईश्वरीय स्मृति के साथ हुई, जिसने सभी उपस्थितजनों के मन को शांति और पवित्रता से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी के मार्गदर्शन में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में श्री राघव दास महाराज, जो रेलवे में एस.एल. मुख्य बुकिंग पार्सल सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं, ने शिरकत की। वहीं मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी नंदा बहन जी ने गहन और प्रभावशाली प्रवचन दिया।कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, वरिष्ठजन, माताएँ-बहनें तथा युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जो इस बात का प्रमाण थी कि समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और नैतिक जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी नंदा बहन ने अपने संबोधन में कहा कि यदि प्रत्येक परिवार के सदस्य अपने दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएं, शुद्ध विचारों को अपनाएं, नैतिक मूल्यों का पालन करें और आध्यात्मिक जीवनशैली को अपनाएं, तो हर घर स्वाभाविक रूप से मंदिर जैसा पवित्र और शांतिपूर्ण स्थान बन सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रेम, शांति और सहनशीलता ही सच्ची नागरिक सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। आज के युग में जहां बाहरी खतरे तो हैं ही, लेकिन घरेलू कलह, नकारात्मक विचार और अशांति से भी सुरक्षा की आवश्यकता है, और यह सुरक्षा केवल आंतरिक शांति से ही संभव है।मुख्य अतिथि राघव दास महाराज ने अपने प्रेरक उद्बोधन में बताया कि घर को मंदिर बनाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान का प्रकाश और निरंतर ईश्वर स्मृति अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जब घर में ईश्वरीय गुणों का वास होता है, तो वह स्थान न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए आदर्श बन जाता है।कार्यक्रम की खास आकर्षण कुमारी तनु की सांस्कृतिक प्रस्तुति रही, जिसने सभी के मन को छू लिया। अंत में ध्वजारोहण, सामूहिक आरती, प्रसाद वितरण और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने घर को मंदिर बनाने के संकल्प के साथ विदा लिया, जो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत साबित होगा।










