छतरपुर। जिले के बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत बसारी गांव का रहने वाला युवक सोनू रैकवार कई वर्षों से मानसिक विकार से जूझ रहा है। परिवार ने उसे लोगों पर हमला करने के कारण जंजीरों से बांधकर रखा हुआ था। मानसिक विक्षिप्तों के सेवक के रूप में प्रसिद्ध डॉ. संजय शर्मा ने इसकी जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की और महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से युवक का जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराया।मानसिक विक्षिप्तों के सेवक डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि सोनू रैकवार लगभग 7-8 साल पहले दिल्ली में मजदूरी करता था। वहां किसी लड़की से प्रेम हो गया, लेकिन प्यार में धोखा मिलने के बाद वह घर लौट आया। इसके बाद उसने खाना-पीना छोड़ दिया, अजीब हरकतें करने लगा और बेवफाई के गाने सुनता रहता था। उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। वर्तमान में उसके पिता हरदास रैकवार अत्यंत गरीब हैं और भिक्षावृत्ति करने को मजबूर हो गए हैं।डॉ. शर्मा ने कहा कि सोनू की मानसिक स्थिति गंभीर है, लेकिन उचित इलाज से वह पूरी तरह ठीक हो सकता है। उन्होंने युवक को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की है। न्यायालय के आदेश के बाद सोनू को ग्वालियर की मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया जाएगा, जहां उसका उचित उपचार होगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि उन्होंने अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को आरोग्यशाला भिजवाया है, जिनमें से लगभग 1400 लोग स्वस्थ होकर मुख्यधारा में लौट आए हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि सोनू संजय दत्त का बड़ा फैन है और उनकी तरह एक्टिंग भी करता है। पिता हरदास रैकवार ने भगवान बालाजी और समाज के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी की मदद से उनका बेटा जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आएगा।










