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भागीरथपुरा घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर

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नौगांव। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसको लेकर सरकार के सख्त निर्देशों पर नगरों में फिल्टर प्लांट, पाइपलाइन और जल आपूर्ति बिंदुओं की गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में छतरपुर जिले के नौगांव नगर में मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीयूडीसी) की तीन सदस्यीय टीम ने गर्रौली स्थित इंटेक वेल एवं फिल्टर प्लांट का विस्तृत निरीक्षण किया।
एमपीयूडीसी के परियोजना अधिकारी (अधीक्षण यंत्री) शैलेश गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार सुबह टीम नौगांव नगर पालिका पहुंची। टीम ने उपयंत्री आलोक जायसवाल और पेयजल विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर शहर की पूरी जल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट की लैब में विशेष किट के माध्यम से सप्लाई होने वाले पानी की तत्काल टेस्टिंग कराई गई।
टीम ने पानी के स्रोत, टंकियों, पाइपलाइनों की स्थिति का भी गहन परीक्षण किया। परियोजना अधिकारी शैलेश गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर में साफ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पानी के सैंपल नियमित रूप से लिए जाएं और उनकी जांच सुनिश्चित की जाए। टंकियों की सफाई, पाइपलाइनों की सुरक्षा तथा समय-समय पर मेंटेनेंस के सख्त निर्देश दिए गए।
उन्होंने चेतावनी भी जारी की कि यदि कहीं लीकेज मिलता है तो तुरंत सुधार किया जाए, अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ड्रेनेज लाइनों से गुजर रही पाइपलाइनों को प्राथमिकता से बाहर निकालने के भी आदेश दिए गए।
फिल्टर प्लांट की लैब में पीएच, टीडीएस, टर्बिडिटी सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। उपयंत्री आलोक जायसवाल ने बताया कि क्लियर वाटर रिजर्वायर से ओवरहेड टैंक के माध्यम से शहर में जल वितरण किया जाता है। परियोजना अधिकारी ने सीडब्ल्यूआर एवं ओएचटी से नियमित सैंपलिंग कराने तथा रिपोर्ट हर सप्ताह पीएचई विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
घर-घर जांच के सख्त निर्देश
शैलेश गुप्ता ने नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर पाइपलाइनों में लीकेज की विशेष जांच कराई जाए। नालियों के नक्शे तैयार करवाकर नालियों के निकट वाली पाइपलाइनों की प्राथमिक जांच हो। पुराने वार्डों में विशेष टीम बनाकर घरों तक पहुंचने वाले पानी की शुद्धता, गंध और रंग की जांच सुनिश्चित की जाए।
एमपीयूडीसी अधिकारियों ने बताया कि जिले की सभी नगरपालिकाओं में जल आपूर्ति से जुड़े सभी टंकियों, पाइपलाइनों, प्लांट और सप्लाई पॉइंट्स का सर्वे कर सैंपल लिए जा रहे हैं। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए विशेष संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि त्वरित समाधान संभव हो सके।

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