छतरपुर। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बिजावर तहसील अंतर्गत ग्राम पिपट से जुड़ा भूमि सीमांकन का एक गंभीर मामला सामने आया। पीडि़त किसान मुन्नालाल चौरसिया ने पुलिस थाना भवन के सीमांकन में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर छतरपुर को लिखित शिकायत सौंपी और न्याय की मांग की।पीडि़त मुन्नालाल चौरसिया निवासी ग्राम पिपट ने बताया कि उनकी पैतृक कृषि भूमि खसरा नंबर 889, रकबा 1.068 हेक्टेयर है, जो राजस्व रिकॉर्ड में उनके एवं उनके भाइयों के नाम दर्ज है। पूर्व में पुलिस थाना पिपट के निर्माण के लिए खसरा नंबर 888 एवं 889 की भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन बिना सही नाप-तौल किए थाना भवन का निर्माण उनकी निजी भूमि खसरा नंबर 889 पर कर दिया गया। इससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है।पीडि़त का कहना है कि उन्होंने कई बार सीमांकन के लिए आवेदन दिए, लेकिन न तो अब तक भूमि का सीमांकन किया गया और न ही थाना भवन के बदले उन्हें कोई अन्य भूमि अथवा मुआवजा प्रदान किया गया। हाल ही में तहसीलदार द्वारा सीमांकन के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी पिपट द्वारा सीमांकन कार्य में सहयोग नहीं किया जा रहा है। पीडि़त ने आरोप लगाया कि सीमांकन के लिए मौके पर पहुंचे हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) को थाना प्रभारी वापस भेज देते हैं और नाप-तौल की प्रक्रिया नहीं होने देते। इस पूरे प्रकरण की शिकायत पीडि़त ने पूर्व में 20 फरवरी 2025 को कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक को भी की थी। पीडि़त किसान ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए शीघ्र सीमांकन कराने तथा उचित न्याय दिलाने की मांग की है।









