उधर, दिवंगत रामाश्रय प्रसाद की बेटी एवं अधिवक्ता करुणा प्रसाद ने उलटे अपनी मां अलका रानी, सौतेले पिता देवानंद पोनरामचेट्टी और बहन कृति प्रसाद पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। करुणा का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद परिवार का व्यवहार उसके प्रति बदल गया। सौतेली मानसिकता रखते हुए उस पर जबरन शादी और बैंक दस्तावेजों/एफडी पर गलत तरीके से हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिसकी शिकायत वह पहले ही खजुराहो थाने में कर चुकी है। युवती के अनुसार एक दिन घर से मारपीट कर निकाल दिया गया और उसका सामान बाहर फेंक दिया गया। इसके बाद वह छतरपुर में किराए के मकान में अकेले रहकर वकालत कर रही है।सीनियर अधिवक्ताओं ने दिया साथवरिष्ठ अधिवक्ता इम्तियाज सिद्दीकी, शकुंतला अहिरवार और रामबहादुर प्रजापति ने करुणा का समर्थन करते हुए कहा कि युवती परिवार से लगातार प्रताडि़त होती रही है और घर से निकाले जाने के बाद भी वह हिम्मत से वकालत कर रही है। वे उसे अपनी छोटी बहन की तरह मार्गदर्शन दे रहे हैं।करुणा का कहना है कि वह अपने पिता की छोड़ी गई एफडी व दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश का विरोध कर रही है और इसी वजह से उसकी बदनामी की जा रही है। वह वकालत के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाना चाहती है, परंतु परिवार उसे मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से प्रताडि़त कर रहा है।









