छतरपुर। कार्तिक माह की पूर्णिमा के पावन अवसर पर धार्मिक तीर्थ स्थल हनुमान टोरिया में बुधवार को आरती, हवन और पूजन के साथ विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। इस भव्य आयोजन का संचालन रावतन हनुमान टोरिया ट्रस्ट द्वारा किया गया, जो पिछले 39 वर्षों से इस परंपरा को निरंतर निभा रहा है।ट्रस्ट सदस्यों के अनुसार वर्षों पूर्व एक संत बाबा ने राम धुन के साथ छोटे स्तर पर भंडारे की शुरुआत की थी, जो अब विशाल रूप ले चुका है। इस वर्ष लगभग 50 से 60 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई।भंडारे की विशेषता यह रही कि आधुनिक मशीनों से प्रसाद निर्माण किया जा रहा है। लगभग 150 महिलाएं पूडिय़ां बेलने का कार्य कर रही हैं, जबकि 75 से 80 अनुभवी कारीगर शुद्ध घी से स्वादिष्ट प्रसाद तैयार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों के अलग-अलग वितरण काउंटर बनाए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गईं तथा जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई। ट्रस्ट सदस्यों ने बताया कि हनुमान जी की कृपा से कभी भी प्रसाद की कमी नहीं होती। भंडारे से करीब एक माह पूर्व से अखंड ‘सीताराम-सीतारामÓ की रामधुन निरंतर गूंजती रहती है, जो पूरे माह भक्ति का माहौल बनाए रखती है।रावतन ट्रस्ट के सचिव नीरज भार्गव ने बताया कि लगभग 38 वर्ष पूर्व एक संत यहां आए थे, जिन्होंने ‘सीताराम-राधेश्यामÓ की अखंड धुन का संकीर्तन प्रारंभ किया था। अगले वर्ष वे रहस्यमय ढंग से लुप्त हो गए, परंतु स्थानीय श्रद्धालुओं ने उनकी परंपरा को निरंतर जारी रखा। इस वर्ष भंडारे के साथ-साथ दो दिवसीय महारास का आयोजन भी किया गया, जिसमें राधा-कृष्ण स्वरूप में 150 से अधिक बच्चों ने मनमोहक अभिनय प्रस्तुत किया। देर रात्रि तक चले इस आयोजन में श्रद्धा, सेवा और भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली।










