Home डेली न्यूज़ प्रदर्शनी से स्थानीय व्यापारियों का कारोबार प्रभावित, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शनी से स्थानीय व्यापारियों का कारोबार प्रभावित, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

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छतरपुर। शहर के मेला ग्राउंड के आधे हिस्से में प्रशासन द्वारा वर्ष में लगभग छह माह तक मेला प्रदर्शनी आयोजित करने की अनुमति दी जाती है। इस कारण स्थानीय व्यापारियों, विशेष रूप से कपड़ा और सब्जी विक्रेताओं के कारोबार पर गहरा असर पड़ रहा है। कई छोटे दुकानदारों की दुकानदारी तो ठप होने की कगार पर पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार मेला ग्राउंड की भूमि नजूल शाखा के अधीन है, जिसमें नियमों के तहत कलेक्टर को ही अनुमति देने का अधिकार है। बावजूद इसके नगर पालिका की सीएमओ और एसडीएम स्तर से मेला ठेकेदारों को गुपचुप तरीके से ग्राउंड का आवंटन कर दिया जाता है। स्थानीय व्यापारियों के बार-बार विरोध के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
व्यापारियों ने बताया कि मेला प्रदर्शनी लगने से कपड़ा व्यापार सबसे अधिक प्रभावित होता है। क्योंकि गर्मी और सर्दी का मौसम कपड़ा बिक्री का मुख्य समय होता है, लेकिन इस दौरान बाहर के व्यापारी मेला ग्राउंड में दुकानें लगाते हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों का व्यापार ठप हो रहा है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मेला ग्राउंड में रात के समय मेला ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों द्वारा नशाखोरी की जाती है। जिससे शाम सात बजे के बाद यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है।  
मेला ठेकेदार लोकल फॉर वोकल के नाम पर अधिकारियों को गुमराह करते हैं, जबकि प्रदर्शनी में लगने वाली करीब 90 प्रतिशत दुकानें बाहरी व्यापारियों की होती हैं। मेला ग्राउंड का एक हिस्सा रविवार हॉट बाजार के लिए आरक्षित है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रदर्शनी लगने से सब्जी विक्रेताओं का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। उन्हें अपनी दुकानें लगाने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि मेला प्रदर्शनी के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह नियमविरुद्ध और अपारदर्शी है। बाहरी ठेकेदार सीधे अधिकारियों से संपर्क कर अनुमति प्राप्त कर लेते हैं, जबकि स्थानीय व्यापारियों को इसकी जानकारी तक नहीं दी जाती।
व्यापारियों ने मांग की है कि मेला प्रदर्शनी की अनुमति प्रक्रिया की जांच कराते हुए या तो इसे पूर्ण रूप से रोका जाए अथवा इसे पारदर्शी बनाया जाए, जिससे स्थानीय व्यापारी भी इसमें भाग ले सकें। इस मौके पर बल्देव प्रसाद चौरसिया, जयप्रकाश पहारिया, कोमल असाटी, पुष्पेन्द्र कुमार चौरसिया, नरेन्द्र कुमार चौरसिया, धरमदास गुप्ता सहित एक दर्जन व्यापारी मौजूद रहे।

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