छतरपुर। श्री अन्नपूर्णा रामलीला समिति के 75 वर्ष पूर्ण होने पर रामलीला समिति द्वारा अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जिसमें 16 तारीख से निरंतर अनेक धार्मिक कार्यक्रम अनवरत रूप से चल रहे हैं जिसमें श्री राम महायज्ञ श्रीमद् भागवत गीता जो कि 22 सितम्बर को समाप्त हो गई थी उसके उपरांत 25 तारीख से श्री राम कथा पंडित राघवेंद्र महाराज के मुखारविंद से सुनाई जा रही है। इसके उपरांत उसके उपरांत संध्या काल में रामलीला मंच पर रामलीला का मंचन किया जाता है। नगर के ऐतिहासिक रामलीला में राम भरत मिलाप, जयंत परीक्षा, सुतीक्षण मिलन व पंचवटी विश्राम की लीलाओं का सुंदर मंचन किया गया। सुतीक्षण व रावण के अभिनय को भी दर्शकों ने जमकर सराहा।
श्रीरामलीला महोत्सव के 75 वें मंचन में प्रथम दृश्य में जब भरत को पता चलता है कि श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिला है तो वह व्याकुल हो उठते हैं और सीधे राम से मिलने के लिए चल देते हैं। उधर, श्रीराम के इंतजार में वर्षों से तपस्या कर रहे भक्त व मुनियों से मिलते हुए श्रीराम सीधे पंचवटी पहुंचे। जहां उनकी भेंट भरत जी से होती है। भरत श्रीराम से वापस महल चलने की जिद करते हैं लेकिन श्रीराम उन्हें मना कर देते हैं और अयोध्या लौटकर राजगद्दी संभालने के लिए कहते हैं। जब भरत श्रीराम की चरण पादुका लेकर वापस अयोध्या की ओर लौटते हैं। राम भरत के संवाद सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं। भक्त सुतीक्षण के मिलन के दृश्य को हास्य कलाकार चार चांद लगाते हुए भक्त और भगवान के अटूट बंधन का मंचन किया। कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में पंचवटी विश्राम की लीला को दर्शाया गया। रामलीला मंचन में रावण की सुंदर भूमिका में श्याम गणेश साहू को दर्शकों ने जमकर सराहा। इसके अलावा इसके अलावा सभी पात्रों में राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न के अभिनय को सभी दर्शको ने खूब सराहा।









