छतरपुर। जनजातीय कार्य विभाग छतरपुर के दैनिक श्रमिकों ने गुरुवार को मोटे के महावीर मंदिर से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालने के बाद ज्ञापन सौंपा और उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं के बदले मिल रहे मेहनताना को कम बताते हुए अपनी मांगें रखीं।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे दैनिक श्रमिकों ने बताया कि वे सभी कई वर्षों से कलेक्टर दर पर काम करते हुए अनुसूचित जाति, जनजाति, बालक, कन्या आश्रम, छात्रावासों के रिक्त पद के विरुद्ध कार्यरत हैं। इसके एवज में उन्हें 280 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 84 सौ रुपए प्रति माह मेहनताना विभाग द्वारा दिया जा रहा है। मई माह में उन्हें 166 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मात्र 5000 रुपए ही दिए गए हैं। अधीक्षकों से जब इस सम्बन्ध में जानकारी चाही गई तो उन्हें बताया गया कि दैनिक श्रमिकों को अब कुल 4 घंटों का पारिश्रमिक ही दिया जाएगा, जबकि वे हर रोज करीब 8 से 10 घंटे काम कर रहे हैं। दैनिक श्रमिकों ने सवाल किया है कि इतनी कम राशि में वे अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे। एक श्रमिक तो यहां तक कहा कि यदि प्रशासन को मारना ही है तो वह पीठ पर मारे, पेट पर नहीं। दैनिक श्रमिकों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि उन्हें कलेक्टर दर की राशि 11 हजार 500 के हिसाब से भुगतान दिलाया जाए।









