
कक्षा 10वीं में 494 अंकों के साथ प्रदेश में सातवां स्थान हासिल कर सबको चौंकाने वाले रमेश प्रजापति के पिता पेशे से मजदूर हैं। रमेश ने गाँव से छतरपुर आकर किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई की। उनकी मेहनत और लगन ने साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी प्रतिभा को नहीं रोक सकती। रमेश ने कहा कि मेरे माता-पिता की मेहनत और शिक्षकों का मार्गदर्शन मेरी सफलता का आधार है।








