
छतरपुर। श्री कृष्णा विश्वविद्यालय में विद्यापरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक विश्वविद्यालय के सभागार कक्ष में कुलगुरू डॉ. अनिल धगट की अध्यक्षता में हुयी। इस बैठक में मध्यप्रदेश शासन द्वारा नामांकित समस्त सदस्यगण उपस्थित रहें। बैठक में आमंत्रित सदस्य डॉ. एच. एन. खरे प्राध्यापक, प्राणीशास्त्र महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर और डॉ. सुदीप जैन समाज सेवी, छतरपुर का उपकुलगुरू डॉ. गिेरीश त्रिपाठी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया अध्यक्ष महोदय की अनुमति से प्रभारी कुलसचिव डॉ. अमित कुमार जैन ने पीपीटी प्रस्तुत कर पूर्व बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों के अंतर्गत लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन समस्त सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में विभिन्न बिंदुओं – स्वंय पोर्टल पर उपलब्ध एमओओसी कोर्स के क्रेडिट स्थानांतरण के लिए अध्यादेश बनाने, विभिन्न विभागों के शैक्षणिक उपलब्धियों का नवीन शिक्षा नीति के अनुसार ग्रेड शीट के प्रारूप का, 2(द्घ) के अंतर्गत यू. जी. सी. मान्यता के लिए प्रारूप में परिवर्तन के लिए समिति गठन करने का अनुमोदन एंव शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रारंभ होने वाले पाठ्यक्रमों हेतु शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियों का अनुमोदन पर विस्तार से चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा पत्र क्रं. 1/162/2025/240916/सीसी/38/2024- द्वारा प्रेषित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के संबंध में आध्यादेश क्रमांक 14 (2) को 101 (2) के रूप में अंगीकृत करके इसे प्रकाशित कराने के अनुमोदन पर भी विचार विमर्श किया गया। तथा विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया। जिसमें शोध पत्र, किताबों के अध्याय, लेखित किताब एवं अनुसंधान पेटेंट को सम्मिलित किया गया। सदस्यों ने उपरोक्त सभी उपलब्धियों को सराहा एवं अनुमोदित किया। विद्यापरिषद के सभी सदस्यो ने उपर्युक्त पालन प्रतिवेदन को उचित बताते हुए संतोष व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय के उपकुलगुरू डॉ. गिरीश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलावों की परिकल्पना करती है, जिसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षण परिणाम प्रदान करना और एक समावेशी शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना है। उसी के अनुसार, विश्वविद्यालय में हम विभिन्न पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं शिक्षा में परिवर्तन, इसे अधिक लचीला और 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की आवश्यकता है।
परीक्षा नियंत्रक एंव विद्यापरिषद के सदस्य डॉ. अशीष पचौरी ने बताया कि स्वंय पोर्टल द्वारा संचालित पाठ्यक्रमो को सफलता पूर्वक पूर्ण करने पर विश्वविद्यालय अपने 40 प्रतिशत क्रेडिट को स्थानांतरित कर सकता है रसायन विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. संजय सक्सेना ने भी सहमति व्यक्त की। बैठक के अंत में विद्यापरिषद के अध्यक्ष ने बैठक में उपस्थित समस्त सम्मानीय सदस्यगणों का अभिवादन किया तथा सचिव सदस्य द्वारा बैठक में उपस्थित सभी सदस्यगणों का धन्यवाद ज्ञापित किया।








