
हरपालपुर। नगर की कपासल मिल कॉलोनी में रहने वाले अरविंद चतुर्वेदी के पुत्र आयुष चतुर्वेदी इन दिनों राष्ट्री नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। दरअसल आयुष ने नारीवादी दर्शन पर शोध कार्य करने के बाद कविता और फिल्मों के माध्यम से भारतीय नारीवाद की खोज नामक शोध पुस्तक लिखी है, जिसे विश्व के प्रतिष्ठित शोध जर्नल आईजेआरएआर (इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ रिसर्च एंड एनालिटिकल रिव्यूज़) ने दिसंबर माह में प्रकाशित किया है।
उल्लेखनीय है कि आयुष चतुर्वेदी शिक्षक परिवार से आते हैं, उनके माता-पिता दोनों ही अध्यापन के क्षेत्र में हैं। आयुष की प्रारंभिक शिक्षा हरपालुर के विवेकानंद स्कूल से हुई, उसके बाद उन्होंने राजा हरपालसिंह महाविद्यालय से स्नातक की। आयुष ने स्नातक के दौरान राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था, जिसके लिए उन्हें राज्यपाल से सम्मान मिला था। स्नातकोत्तर के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में दाख़िला लिया जहां दिल्ली विश्वविद्यालय के बहुप्रतिष्ठित दर्शन विभाग के सदस्य बने। दिल्ली विश्वविद्यालय के डायमंड जुबली उत्सव में उन्होंने काव्यपाठ कर देश के जाने माने साहित्यकार जावेद अख़्तर से प्रशंसा प्राप्त की थी। दर्शन विभाग में अध्यनरत रहते हुए उन्होंने उक्त पुस्तक शोध पुस्तक लिखी जिसे आईजेआरएआर ने प्रकाशित किया है।








