
शराब पीने के लिए पिता ने पुत्र की बेंची किताबें
छतरपुर। गुरुवार की दोपहर में शराब बंद करने के लिए एक गांव के तीन दर्जन लोगों ने एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया है। लोगों ने बताया कि गांव में ठेकेदार के द्वारा जबरन अवैध तरीके से शराब बेची जाती है जिस वजह से गांव के लोग शराब पीकर महिला और बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। गांव का माहौल खराब होने के कारण महिलाएं सुरक्षित नहीं है। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके पति शराब पीने के लिए बच्चों की किताबें तक बेच देते हैं घर में खाने-पीने की कोई चीज नहीं बचती है। वहीं थाना पुलिस शराब माफिया को संरक्षण देती है। पुलिस में शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।आवेदन के अनुसार ग्राम पंचायत निवार चौकी नैनागिर थाना बक्सवाहा से आए गांव के लोगों ने गांव में शराब बंद कराने के लिए एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि निवार गांव में कच्ची और पक्की शराब खुलेआम बेची जा रही है जिससे हमारे गांव के नवयुवक बर्बाद हो रहे हैं। शराब पीकर अश्लील हरकतें करते हैं जिससे महिलाएं और बच्ची घर से नहीं निकाल पाते हैं। वहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि शराब ठेकेदार के द्वारा अवैध तरीके से गांव में शराब बेची जा रही है जिसकी शिकायत पुलिस में करने पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।गांव की महिला राधा लोधी ने बताया कि हमारा लड़का दसवीं में पढ़ता है और लड़की 12वीं में लेकिन हमारे पति ने शराब पीने के लिए बच्चों की किताबें और बस्ता तक बेच दिया है। घर में कोई भी खाने पीने की सामग्री नहीं बचती, यहां तक की आटा तक पति दारु पीने के लिए बेच दिया है। किताबें न होने के कारण हमारे बच्चे 8 दिन से स्कूल नहीं गए हैं। हमारे घर में अब कुछ खाने के लिए भी नहीं बचा है महिला का कहना है कि अगर दारू बंद नहीं की गई तो दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेंगे।गांव के सरपंच नन्हे लाल सौर ने बताया कि गांव में कच्ची और पक्की शराब ठेकेदार के द्वारा बेची जाती है। कई बार ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत की है लेकिन आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पूरे गांव का माहौल खराब हो गया है इसीलिए आज हम लोग शराब बंद कराने के लिए एसपी ऑफिस आए हैं।









