
परिवार और विद्यालय में मेरी उचित भागीदारी ही मेरा मूल्य है
छतरपुर। लोक शिक्षण संचालनालय और आनंद विभाग द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालय के एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित शनिवारीय आनंद सभा को संबोधित करते हुए लखनलाल असाटी ने कहा कि विद्यार्थी की परिवार और विद्यालय में उचित भागीदारी ही उसका मूल्य है। विद्यार्थी घर जाकर जूते कहां उतरता है वास्ता कहां रखना है और कपड़े कहां टांगता है उसकी यह छोटी सी गतिविधि भी परिवार में उसके मूल्य का निर्धारण करती है। विद्यालय आकर वह प्रार्थना स्थल और अपनी कक्षा में किस तरह से उठता बैठता है यह भी उसके मूल्य को आंकलित करता है। प्राचार्य सुशील कुमार उपाध्याय के सहयोग से तथा शिक्षक राजा बाबू तिवारी की उपस्थिति में छतरपुर जिला मुख्यालय के एक्सीलेंस स्कूल में लगभग 60 विद्यार्थियों ने आनंद सभा में भागीदारी की। शिक्षा और कौशल के साथ मूल्य भी जरूरी मानवीय आचरण पूर्वक जीने के लिए शिक्षा और कौशल के साथ-साथ मूल्य शिक्षा भी आवश्यक है। जीवन के परम लक्ष्य निरंतर सुख और समृद्धि पूर्वक जीने के लिए मानव के समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी गायत्री मिश्रा, राज तिवारी, सौम्या कुशवाहा, साहिल सिंह चंदेल, रक्षिता चौरसिया आदि विद्यार्थियों ने अपनी अनेक जिज्ञासाओं का समाधान पाया, शिक्षा के उद्देश्य और जीवन के उद्देश्य पर बहुत सारी परस्पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने स्नेह और प्रेम के अंतर को जानना चाहा, लखन लाल असाटी ने कहा कि एक या अनेक के प्रति संबंध का भाव देख पाना स्नेह है जबकि प्रकृति सहित सभी के प्रति संबंध का भाव देख पाना प्रेम है, ममता और वात्सल्य के रूप में स्नेह प्रगट होता है जबकि दया प्रेम और करुणा के रूप में प्रेम प्रकट होता है।









