
टीकमगढ़ जिले के 50 कर्मचारी नौगांव में ले रहे अल्पविराम
छतरपुर। राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष कुमार के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र नौगांव में मंगलवार से टीकमगढ़ जिले के 50 कर्मचारियों का तीन दिवसीय आवासीय आनंदम् सहयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है जिसमें राजस्व, पुलिस, नगरीय एवं ग्रामीण प्रशासन के कर्मचारी सम्मिलित हैं। पहले दिन आनंद की ओर सत्र के माध्यम से संभागीय प्रशिक्षण समन्वयक लखनलाल असाटी ने प्रतिभागियों का ध्यान इस ओर दिलाया कि सुविधा और सफलता से सुख का सुनिश्चित होना जरूरी नहीं है परंतु संबंध का निर्वाह ठीक-ठीक हो पाता है तो जीवन में सुख की गारंटी बनी रहती है।
जीवन में आनंद क्या है और यह कैसे घटता-बढ़ता है इसका विनोद रिछारिया, अनिल रूसिया, दीपक मिश्रा, महेन्द्र प्रताप सिंह, वीरेन्द्र यादव, राजेन्द्र अहिरवार, अंगद पटेल, अभिषेक पटैरिया, चन्द्रभान लोधी, श्री पाण्डेय आदि ने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जब-जब भी उन्होंने जरूरतमंदों की मदद की है उनका आनंद बढ़ गया है। सरकारी दायित्व के दौरान बीपीएल कार्ड बनाने हों अथवा आवास योजना का लाभ दिलाना हो, अगर वह सही-सही सहयोग कर पाएं तो उनका आनंद बढ़ जाता है। आनंद के घटने को लेकर कर्मचारियों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि परिवार और परिचितों में किसी संबंधी के दुखी होने पर उनका दुख बढ़ जाता है। उल्लेखनीय तथ्य यह रहा है कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी ने यह नहीं कहा कि अच्छा बंगला, अच्छी कार, अच्छा बैंक बैलेंस अथवा अच्छा फार्म हाउस या ऊंचा पद उनके सुख-दुख का कारण है।
जीवन का लेखा-जोखा सत्र का संचालन करते हुए नितिन कुमार बबेले टीकमगढ़ तथा श्रीमती सीता चतुर्वेदी पन्ना ने कहा कि मदद मिलने और मदद करने में बैंलेंस की आवश्यकता है। प्रतिभागी भी देख पाए कि जितने अधिक लोगों से उन्हें मदद मिली है उतनी मदद वह दूसरों की नहीं कर पाए हैं। पन्ना के ही सतानंद गौतम ने सायंकाल फैमिली गु्रप के माध्यम से प्रतिभागियों की अपनी जिंदगी की कहानी के उतार-चढ़ाव को सुना।








