
टीकमगढ़। वलेस ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान की घोषणा की गई, इसमें टीकमगढ़ की जानी मानी व्यंग लेखिका श्रीमती अनीता श्रीवास्तव का चयन होने पर जिले के साहित्यकारों एवं कवियों सहित अनेक लोगों ने श्रीमती श्रीवास्तव को बधाईयां दी है। यह सम्मान 15 दिसंबर को रतलाम में दिया जायेगा।बताया गया है कि इस बार सम्मान की श्रेणियों और पुरस्कारों में भी विस्तार किया गया है। इस वर्ष भी निर्णायक मंडल की अध्यक्षता कैलाश मंडलेकर को सौंपी गई थी और उनके साथ जवाहर कर्नावट, मलय जैन और सुश्री इंद्रजीत जैसे प्रबुद्ध सदस्य शामिल थे। यह समझना कठिन नहीं है कि व्यंग्य के क्षेत्र में इतने योग्य साथियों के बीच से चयन करना कितना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। निर्णायकों ने इस कार्य को पूरी निष्पक्षता और कुशलता से निभाया है। सभी सम्मानित रचनाकारों का योगदान, उनकी लेखकीय गुणवत्ता और समूह में उनकी सक्रियता सभी के लिए परिचित हैं। इसलिए इस वर्ष के परिणाम अप्रत्याशित नहीं होंगे। फि र भी, चयन की प्रक्रिया में जिनका नाम शामिल नहीं हो पाया, उनके पास आगामी वर्षों में मुख्य ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान पाने का अवसर शेष रहेगा। कहा गया है कि इस बार मालवा क्षेत्र के व्यंग्यकारों ने पुरस्कार सूची में सर्वाधिक स्थान प्राप्त किया है, जो स्व. शरद जोशी की अद्वितीय व्यंग्य परंपरा की देन है। मालवा की उर्वर भूमि लगातार इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। वहीं, इस वर्ष दो नवोदित लेखिकाओं को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वलेस के सम्मान का यह कदम अन्यत्र दिए जाने वाले सम्मानों के बीच एक सकारात्मक मिसाल बनेगा, ऐसी उम्मीद है। बताया गया है कि निर्णायक मंडल द्वारा जारी सम्मान सूची के मुताबिक ज्ञान चतुर्वेदी व्यंग्य सम्मान संयुक्त रूप से शशांक दुबे उज्जैन एवं प्रमोद ताम्बट भोपाल, वलेस दीर्घकालिक व्यंग्य सेवा सम्मान ब्रजेश कानूनगो इंदौर एवं वलेस श्रेष्ठ नव पल्लव व्यंग्य सम्मान संयुक्त रूप से ऋषभ जैन रायपुर एवं मुकेश राठौर खरगौन को दिया जाएगा। बताया गया है कि वलेस व्यंग्य साधक सम्मान के लिए डॉ हरीश कुमार सिंह उज्जैन का चयन किया गया। इसी प्रकार वलेस श्रेष्ठ व्यंग्य विदुषी सम्मान के लिए सुश्री सारिका गुप्ता इंदौर एवं सुश्री अनीता श्रीवास्तव टीकमगढ़ का चयन किया गया है। श्रीमती अनीता श्रीवास्तव को बधाई देने वालों में जिले के साहित्यकार हरि विष्णु अवस्थी, राम गोपाल रैकवार, जयहिंद सिंह दाऊ, गुलाब सिंह भाऊ, राजीव नामदेव, अजीत श्रीवास्तव, डॉ एमएस श्रीवास्तव, कलाकार संजीव श्रीवास्तव, पत्रकार प्रदीप खरे, विष्णु दयाल श्रीवास्तव, रमेश खरे, सुनीता खरे, विभा श्रीवास्तव, मीरा खरे, शिक्षा विभाग से डॉ सुनील श्रीवास्तव, डॉ बबीता श्रीवास्तव, सरिता मिश्रा, गीता अहिरवार सहित अनेक साहित्यकार व कवियों के नाम शामिल हैं।









