
टीकमगढ़। एक ओर सारा देश और प्रदेश के लोग इन दिनों अपने घरों को चमकाने के साथ ही दीपावली की तैयारियों में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार के कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके घरों में रोशनी तो दूर, खाने तक के लाले पडऩे लगे हैं। पिछले दो माह से वेतन न मिलने से कई परिवारों की हालात पतली नजर आने लगी है। जिन कर्मचारियों पर अपने परिवार का भार है, वह अपने माता-पिता की दवाओं के लिए भी दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहे हैं। आखिर इस विभाग के अधिकारियों का वेतन कहां से आ जाता है, यह किसी को भनक तक नहीं लगती और कर्मचारियों को कभी भी समय पर वेतन नहीं मिलता है। अब देखना होगा कि दीपावली पर इन घरों में रोशनी होती है, या फिर दिए की जगह उनका दिल जलता नजर आता है। एक ओर शिक्षा विभाग के आला अधिकारी अपनी वेतन की जुगाड़ तो कर लेते हैं, वहीं अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसा देते हैं। प्रदेश सरकार जहां दोनों हाथों से पैसा उलीच रही है, वहीं कर्मचारियों का वेतन दे पाने में असमर्थ नजर आने लगी है। दीपावली पर शिक्षा विभाग के बीएसी और सीएसी जैसे कर्मचारियों के घरों में लाले पडऩे लगे हैं। दो माह से वेतन न मिलने से इन कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां गौरतलब यह है कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को माह की पहली तारीख को वेतन देने का दावा करती आ रही है। यह दावा कितना सही है, यह यहां के कर्मचारियों की वेतन को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। इस संबन्ध में अति हो जाने पर अब सीएसी और बीएसी ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर वेतन दिए जाने की मांग करने लगे हैं। बताया गया है कि विकासखण्ड स्रोत केन्द्र समन्वयक जनपद शिक्षा केन्द्र टीकमगढ़ को दिए गए ज्ञापन में सीएसी एवं बीएसी ने कहा है कि जिले के समस्त बीएसी, जनशिक्षकों, सीएसी की विगत दो माह अगस्त एवं सितम्बर 2024 की वेतन नहीं मिली है। जिससे जनशिक्षकों की बैंक की ईएमआई, बच्चों की स्कूल फ ीस, बिजली का बिल, माता-पिता व परिवार की दवाईयां, भ्रमण हेतु पेट्रोल, गृह भाड़ा व अन्य खर्च जो माह में किये जाते है। सभी प्रभावित हो रहे है एवं परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि जिला शिक्षा केन्द्र के समस्त कर्मचारियों की वेतन समय से आहरण की जा रही है। विगत दो माह की वेतन न मिलने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है एवं परिवारिक समस्या हो रही है। जबकि मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किये थे कि प्रत्येक कर्मचारी की वेतन माह की 01 तारीख को जारी की जायें। जबकि जनशिक्षकों की वेतन कभी भी 10 तारीख से पहले आती नहीं है। कर्मचारियों ने कहा है कि 03 दिवस में वेतन जारी न होने की स्थिति में हम लोगों को कार्यालय राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल जाने की अनुमति दी जाये, जिससे दीपावली पर घरों में अंधेरा न रहे और बच्चों व परिवार की मायूसी को दूर किया जा सके। ज्ञापन देने वालों में मधुकर उपाध्याय, सुनीला खरे, किरण कुमार खरे, सुनील त्रिपाठी, रविकांत खरे, राजीव तिवारी, प्राणनाथ चौरसिया, अभिषेक, मनोज व्यास, अनुराग पांडेय, आशीष कुमार खरे, विवेक पस्तोर, सुधा मिश्रा, अवनीश मिश्रा, राजेन्द्र जैन, अतुल रूद्र, संगीता तिवारी आदि के नाम शामिल हैं।









