
महाराजपुर। आर्यवीरदल का एक दिवसीय शिविर रविवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम प्रात: 7 बजे से ध्वजारोहण के साथ प्रारम्भ हुआ। इसके पश्चात सभी शिविरार्थियों ने मिलकर देवयज्ञ में आहुतियां प्रदान की। ततपश्चात सर्वांग सुंदर व्यायाम का प्रशिक्षण प्रांतीय संचालक भैरोसिंह आर्य द्वारा दिया गया। शिविर में आर्यवीरों ने लजीज स्वल्पाहार, पौष्टिक भोजन का आनंद लिया एवम सांयकाल में बौद्धिक कक्षा में उत्तम चरित्र निर्माण हेतु विभिन्न वक्ताओं के विचारों का श्रवण कर लाभ अर्जित किया। प्रमुख बक्ताओं में जय नारायण आर्य ने बताया कि आज देश में संस्कृत का ह्रास हो रहा है। चारित्रिक पतन होने से देश के युवा गलत दिशा की ओर जा रहे हैं। दयाराम आर्य ने बताया कि देश में आर्यवीर दल की बहुत अधिक आवश्यकता है आर्य वीरदल ऐसा संगठन है जो देश की संस्कृति को बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।चितरंजन चौरसिया ने आर्यवीर दल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज युवाओं को संस्कारवान बनाना बहुत ही जरूरी है यदि युवा आर्यवीर दल के शिवरों में भाग लेंगे तो उनका शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक विकास भी होगा और वह अपने-अपने विद्यालयों में अच्छे अंक प्राप्त करेंगे। संस्था प्रधान एवम आर्यवीरदल जिला संचालक उमेश आर्य ने बताया की आर्यवीर दल के तीन प्रमुख उद्देश्य है संस्कृति रक्षा, सेवा कार्य और शक्ति संचय इन तीनों उद्देश्यों को यह दल मानव कल्याण और परोपकार के कार्यों को करने में निरन्तर लगा हुआ है।प्रांतीय संचालक के समक्ष सभी शिविरार्थियों ने अपने अपने ग्रामो एवम नगरों में आर्यवीरदल की शाखा लगाने का प्रण लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जय नारायण आर्य मंत्री आर्य प्रतिनिधि सभा मध्य प्रदेश व विदर्भ, दयाराम आर्य पूर्व प्रधान, उमेश आर्य प्रधान, मंत्री सूर्य सेन आर्य, लखनलाल आर्य उपप्रधान, पूर्व मंत्री इंद्रप्रकाश आर्य, आर्यवीरदल अधिष्ठाता सत्यप्रकाश चौरसिया, कोषाध्यक्ष अजय अमर आर्य, पूर्व कोषाध्यक्ष जगदीश चौरसिया, पूर्व अधिष्ठाता चितरंजन चौरसिया, मुन्नालाल कुशवाहा उपमंत्री, रामस्वरूप, सभासद शंकर लाल आर्य पुस्तकाध्यक्ष, रमेशचन्द्र आर्य, अरविंद चौरसिया, बब्लू मिश्रा एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।







