
धूमधाम से मनाया गया नंदोत्सव, बधाई गीत पर नाचे नर-नारी
नौगांव। नगर के गणेश मंदिर चौराहे पर गणेश महोत्सव पर्व पर निरंतर चल रही संगीतमय भागवत कथा के चौथे दिन भगवान के जन्म की लीलाओं का वर्णन किया गया। जिसमें कथा व्यास पंडित नीरज कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने चौबीस अवतारों की कथा सभी को विस्तार से श्रवण कराई जिसमें मत्स्य, परशुराम, वराह, नृसिंह, वामन भगवान के साथ साथ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जन्म की कथा सुनाई तत्पश्चात चंद्र वंश का वर्णन करते हुए भगवान कृष्ण जन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसमें अनेक भक्तगण बधाई गायन में झूम कर नाचे।नगर के एक मात्र प्रसिद्ध गणेश मंदिर में गणेश महोत्सव के पर्व पर संगीतमय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे वृंदावन धाम से आए कथा व्यास पंडित नीरज कृष्ण शास्त्री जी महाराज के मुखारविंद से सभी धर्मप्रेमी बंधुओं को कथा श्रवण कराई जा रही है| भागवत कथा के चौथे दिन भगवान के अवतारों का वर्णन करते हुए बताया गणेश मंदिर प्रांगण में भक्तों को कथा रसपान करते हुए श्रीमद् भागवत के पुनीत प्रसंगों में प्रकाश डाला कि जीवन में जो भक्ति का आश्रय लेता है। उनके घर में कपिल भगवान जैसे पुत्र प्रकट होते हैं, जो यथार्थ का ज्ञान कराते हैं। संसार के काल चक्र से बचने के लिये निरंतर सत्संग करना चाहिये कथा प्रसंग में कथा व्यास जी ने बताया लोग सबसे से ज्यादा शक्तिशाली है लोभ के दो स्वरूप है पहला हिरण्याक्ष जो पूरी पृथ्वी को अपना मानता है और दूसरा हिरण्य कश्यप जो अजर अमर बनने की कामना करता है एवं अपनी शक्ति का प्रदर्शन करता है इस लोभ के समापन के लिए भगवान को दुबारा धरती पर अवतार लेना पड़ा। इसके बाद ध्रुव चरित्र एवं प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुऐ हिरण्यकश्यप का वध किया इसके बाद वामन भगवान का अवतार हुआ, जिसमें कथा के दौरान बावन भगवान की दिव्य झांकी का दर्शन भी श्रोताओं ने किया, इसके बाद भागवत कथा के चलते सूर्यवंश का वर्णन करते हुए श्री राम जन्म की कथा के दौरान चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का जन्म हुआ एवं राम जन्म की बधाईयां गाई गई। भागवत कथा के चलते चंद्रवंश का वर्णन करते हुए कथा व्यास नीरज कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कृष्ण जन्म की कथा के माध्यम से भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया| जिसमें कथा श्रवण कर रहे नर-नारी भागवत दरबार में झूमते नजर आए सभी को बधाई लुटाई गई, भागवत कथा में वृंदावन से आये कलाकारों के द्वारा बधाई गायन किया गया जिसमें नर नारी, युवक युवती झूम कर नाचे । कथा के बाद बाल कृष्ण भगवान की आरती की गई तत्पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आज की कथा में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन एवं गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन किया जाएगा और 56 भोग का प्रसाद लगाया जाएगा।









