
महाराजपुर। खरीफ सीजन में किसानों ने बड़ी उम्मीद से फसलों को बोया था कि इस बार अच्छी पैदावार होने से उनके खर्चों की पूर्ति हो जाएगी लेकिन खराब फसल को देखकर किसान परेशान हैं। शुरुआत में खेतों में लहलहाती फसलों को देखकर इस बार लग रहा था कि इस बार अच्छी पैदावार होगी।महाराजपुर तहसील अंतर्गत किसानों ने अपने अपने खेतों में मूंगफली, उर्द और तिली के बीजों की बुबाई अधिक मात्रा में की थी लेकिन तिली की फसल खराब होने से किसान परेशान हैं और उनकी इस परेशानी में जिम्मेदार अधिकारी दूर दिखते नजर आ रहे हैं। किसानों को सलाह देने के लिए क्षेत्र में न कृषि विभाग, न उद्यानकी विभाग और न ही कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सलाह देने के लिए पहुँच रहे हैं कि वे अपनी फसलों की रखवाली कैसे करें। ग्राम मझगवां के किसान नरेश कुशवाहा, रामावतार कुशवाहा एवं नारायणदास कुशवाहा ने बताया कि उनकी तिली की फसल को ना जाने क्या हो गया वो काली पड़कर खराब होने लगी है और कृषि विभाग के ग्रामसेवक एवं अधिकारी उनकी खराब फसल को लेकर उन्हें फसल बचाव के लिए कोई उपाय नहीं बता रहे हैं।किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में न तो ग्रामसेवक आते हैं और न ही अधिकारियों का आना होता है सभी अपना मुख्यालय ब्लॉक और जिला स्तर पर बनाए हुए हैं और ऑफिस में बैठकर ही अपने अपने कार्यों को कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारी सलाह देने कभी ग्रामों में नही आते हैं। कई बार गलत दवाओं के प्रयोग से किसानों की फसलें तक खराब हो जाती है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।






