
छतरपुर। प्राकृतिक स्थलों की यात्रा न केवल मन को शांति और ताजगी प्रदान करती है, बल्कि हमें प्रकृति की अद्भुत रचनाओं का साक्षात्कार करने का अवसर भी देती है। ऐसा ही एक स्थान है बिजावर विधानसभा क्षेत्र का जोगी दंड आश्रम। पड़ोसी जिले दमोह की सीमा पर मौजूद बिजावर विधानसभा क्षेत्र के पिपरिया खुर्द गांव के पहाड़ की तलहटी में मौजूद जोगी दंड आश्रम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और रहस्मयी गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि प्रचार-प्रसार का अभाव तथा कठिन पहुंच मार्ग होने के कारण बहुत कम संख्या में पर्यटक यहां पहुंच पाते हैं।स्थानीय लोग बताते हैं कि पर्यटक भले ही कम संख्या में यहां आते हों लेकिन आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोग तीज-त्यौहार पर बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। जोगी दंड आश्रम में मौजूद करीब एक किलोमीटर लंबी गुफा में भयानक अंधेरा होता है, दिन में भी अंदर जाने के लिए रोशनी की व्यवस्था करनी होती है। गुफा के अंदर मौजूद शिवलिंग के ऊपर गाय के थन के आकार की चट्टान है, जिससे सदैव जलधारा शिवलिंग पर गिरती रहती है। चूंकि गुफा के अंदर विद्युत व्यवस्था नहीं है इसलिए अंदर जाने वाले लोग वापिस बाहर आने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कई लोग गुफा के दीवारों पर चिन्ह बनाते हुए अंदर जाते हैं तो कुछ लोग रस्सी बांधकर अंदर जाते हैं। गुफा के अंदर प्रवेश करने के बाद कई और गुफाएं भी मिलती हैं, जिस कारण से रास्ता भटकने की संभावना होती है। हालांकि जो लोग अक्सर अंदर जाते रहते हैं, उन्हें परेशानी कम होती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि गुफा के अंदर अनेक रास्ते हैं और आज तक इस गुफा का अंतिम छोर तक कोई नहीं पहुंच सका है।भले ही यह स्थन अनूठा और सुंदर हो लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में बहुत कम लोग इस स्थान के बारे में जानते हैं। इसके साथ-साथ यहां तक पहुंचने के लिए जो मार्ग है वह भी दुर्गम है। गुफा से करीब 500 मीटर पहले एक नदी मौजूद है, जिस पर पुल नहीं है। जोगी दंड आश्रम तक पहुंचने के लिए बारिश के दिनों में लोगों को यह नदी तैरकर पार करनी होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला बबलू से इस स्थान पर मूलभूत व्यवस्थाएं कराने की मांग की गई थी, जिस पर उनके द्वारा जोगी दंड आश्रम में एक सामुदायिक भवन, पेयजल और विद्युत व्यवस्था कराई गई थी। विधायक से नदी के ऊपर पुल बनवाने की मांग भी की गई थी लेकिन विभागीय समस्याओं के चलते अभी पुल नहीं बन सका है। क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला बबलू के पुत्र धनंजय शुक्ला ने कहा कि निश्चित तौर पर जोगी दंड आश्रम हमारे क्षेत्र का बेहद सुंदर और रहस्मय देवस्थल है। उन्होंने बताया कि पूर्व में स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर आश्रम में सामुदायिक भवन, पेयजल और विद्युत व्यवस्था कराई गई है। नदी के ऊपर पुल की आवश्यकता है, जिसके लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं, संभवत: जल्द ही नदी के ऊपर पुल भी बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शासन-प्रशासन बिजावर विधानसभा क्षेत्र के प्राकृतिक स्थलों को विकसित करने का प्रयास करे तो हिमाचल और उत्तराखंड की भांति बिजावर क्षेत्र भी पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हो सकता है।







