
छतरपुर जनपद सीईओ और एसडीओ पर गंभीर आरोप
छतरपुर। छतरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के सरपंच इन दिनों प्रशासनिक अधिकारियों की तानाशाही और रिश्वतखोरी से परेशान हैं। सरपंचों ने इस तरह के आरोप लगाते हुए गुरूवार को कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपते हुए छतरपुर जनपद सीईओ व एसडीओ को हटाने की मांग की है।इस शिकायत में सरपंच संघ के ब्लाक अध्यक्ष व ग्राम पंचायत सरानी के सरपंच अशोक शिवहरे ने बताया कि जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक यंत्री देवानंद शुक्ला हर कार्य के एवज में रिश्वत की मांग करते हैं। उनके द्वारा ग्राम पंचायत सरानी में 4-4 लाख रूपए की दो सीसी सड़कों को स्वीकृत किया गया था जिसमें वे 5 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रूपए की रिश्वत ले चुके हैं। इसी तरह उन्होंने कपिलधारा कूप निर्माण में श्यामलाल रैकवार और शिवदयाल कुशवाहा के कार्य प्रमाणीकरण के लिए भी 40 हजार रूपए की रिश्वत मांगी है। जब सरपंच ने उन्हें रिश्वत देने से मना किया तो वे कलेक्टर से झूठी शिकायत कर आए और उल्टा सरपंच के खिलाफ ही धारा 40 की कार्यवाही प्रस्तावित करा दी गई। सरपंच ने कहा कि एसडीओ की तरह जनपद सीईओ भी भ्रष्टाचार और तानाशाही में लिप्त हैं। सरपंचों को कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है लेकिन जनपद सीईओ उनकी शिकायतों का समाधान नहीं करते हैं। महेबा सरपंच शैलेन्द्र कौशिक ने कहा कि छतरपुर में प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उल्टा सरपंचों पर ही कार्यवाही कर प्रशासनिक तानाशाही देखी जा रही है। यदि ऐसा ही रहा तो सभी सरपंच काम छोड़कर धरने पर बैठेंगे। इन सरपंचों ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की है।









