छतरपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना करने और नोटिस तामील होने के बावजूद कोर्ट में प्रस्तुत न होने पर न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने कुलसचिव के विरुद्ध 5,000 रुपये का जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
यह कार्रवाई याचिकाकर्ता शिवम स्वर्णकार एवं अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। मामले की सुनवाई के समय याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सिद्धांत कोचर ने पीठ को अवगत कराया कि अनावेदक कुलसचिव को दस्ती नोटिस सफलतापूर्वक तामील कराया जा चुका है। इसके समर्थन में याचिकाकर्ता क्रमांक 6 का शपथ-पत्र भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। इसके बावजूद कुलसचिव की ओर से न तो कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया।
अनावेदक की इस गैर-मौजूदगी को गंभीरता से लेते हुए उच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से वारंट जारी किया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को तय की है, जिस दिन कुलसचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा।









