छतरपुर। जिले के 2058 आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले कुछ माह से पोषण आहार की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब शासन और कलेक्टर के निर्देश पर पोषण आहार की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई है। संबंधित समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिक्सर खिचड़ी और गेहूंयुक्त दलिया भेजा जा रहा है।
जिले की आंगनबाडिय़ों में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा के साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी सेवाएं दी जाती हैं। पहले सागर संभाग की महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संस्था के माध्यम से पोषण आहार की आपूर्ति होती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से व्यवस्था प्रभावित रही।
स्थिति को देखते हुए करीब तीन माह के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत समूहों के माध्यम से पोषण आहार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला प्रभारी महिला एवं बाल विकास विभाग अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ समूहों के साथ अनुबंध हो चुका है, जबकि शेष आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए समूहों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। अनुबंध प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी केंद्रों पर पोषण आहार पहुंचाया जाएगा।
जून तक का मानदेय खातों में पहुंचा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय को लेकर विभाग ने बताया कि जून माह तक का मानदेय उनके खातों में जारी किया जा चुका है। जुलाई माह के मानदेय और इंक्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई का मानदेय इंक्रीमेंट के साथ खातों में भेजा जाएगा।
विभाग का कहना है कि पोषण आहार की नियमित आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बच्चों और महिलाओं तक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है, हालांकि कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी भी आपूर्ति शुरू होना बाकी है।









