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टीकमगढ़ में फीका रहा 70 वां मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह-इंतजामों ने किया दर्शकों को मायूस, कुर्सियों के साथ ही कम पड़ी जगह

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टीकमगढ़। आम सभाएं हों, या फिर शासकीय आयोजन…इनमें भीड़ जुटाने के लिए स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही अन्य कर्मचारियों की मौजूदी महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। यहां भी स्कूली बच्चों से खचाखच भरे हॉल में स्थापना दिवस की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई। इंतजामों ने अधिकांश लोगों को मायूस किया। उत्सव भवन में खड़े रहे लोगों और कर्मचारियों के चेहरों पर नाराजगी जहां झलकती रही, वहीं प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति और जनप्रतिनिधियों का आतिथ्य कार्यक्रम की रौनक बढ़ाता रहा। स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण प्रादेशिक पर्व पर कार्यालयों पर रोशनी तक के पर्याप्त इंतजामों की कमीं ने भी लोगों को नाराज किया है। इस संबन्ध में राहगीरों ने भी सुधार की काफी गुंजाईश बताई है।
नगर के उत्सव भवन में जगह की कमीं के कारण किसी प्रकार की कोई दीर्घा तक नहीं बनाई गई। जिसकी जहां मर्जी हुई, लोग बैठते नजर आए, जबकि यहां महिलाओं, साहित्यकारों, पत्रकारों के साथ ही आमंत्रित सदस्यों के बैठने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए थी। तमाम कमियों के बाद भी कहा जा रहा है कि कमीशन और सुविधा शुल्क के चलते यह सभी अव्यवस्थाएं होना लाजमी है। शामयाना और लाईट आदि का इंतजाम ऐसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी न होना चर्चाओं में बना हुआ है। यहां मौजूद जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को भी बैठने में काफी असुविधा होती नजर आई। उत्सव भवन में स्टील के जग से लोग पानी पीते नजर आए। यहां डिस्पोजल ग्लास तक नहीं जुटा सके। बताया गया है कि प्रदेश के स्थापना दिवस को मनाने की जिस तरह से औपचारिकताएं पूरी की गई, उससे अधिकांश लोगों में नाराजगी दिखाई दी। बीच में ही लोग कार्यक्रम से खिसक लिए। उत्सव भवन में अव्यवस्थाओं में जरूर किसी प्रकार की कमीं नहीं दिखाई दी। बाहर खड़े सरकारी वाहनों एवं परिसर में व्याप्त गंदगी ने भी कार्यक्रम को फीका करने में अपना योगदान दिया। महत्वपूर्ण प्रादेशिक पर्व स्थापना दिवस को मनाने में की गई लापरवाही और खानापूर्ति ने लोगों को मायूस जरूर किया है। वहीं उन्होंने इस सिलसिले में उदासीनता बरतने वालों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई की भी उम्मीद नहीं जताई है। कार्यालयों पर रोशनी के इंतजामों का अभाव लोगों को खटकता रहा है। जबकि यह रंगारंग कार्यक्रम शहर के मध्य रात्रि में होना चाहिए थे, जिससे आम व्यापारियों, महिलाओं एवं शहरवासियों को इसका भरपूर लाभ मिल सकता था। कार्यक्रम में आम नागरिकों का टोटा और बच्चों की मौजूदगी स्पष्ट बता रही थी कि आयोजन की औपचारिताएं पूरी की जा रही है। कई शासकीय अधिकारी भी राह चलते अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से व्यवस्थाओं पर चर्चा करते नजर आए। इतना ही नहीं कुछ अधिकारियों के तो कार्यक्रम में कुर्सी न मिलने से खड़े हुए फोटो भी वायरल किए गए हैं। अब देखना है कि इस आयोजन पर कितनी राशि का खर्च दर्शाया जाता है, जबकि इस आयोजन में ऐसा कुछ खास नजर नहीं आया, जिस पर मोटी रकम खर्च की गई हो।
संस्कृति और लोक परम्परा की प्रस्तुतियां-
मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित स्थानीय उत्सव भवन में अभ्युदय मध्य प्रदेश थीम आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने किया। इस अवसर पर श्रीमती सरोज राजपूत, पूर्व विधायक टीकमगढ़ राकेश गिरि गोस्वामी, अखंड यादव, सांसद प्रतिनिधि अनुराग वर्मा, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई आदि मौजूद रहे। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा मध्यप्रदेश की संस्कृति और लोकपरम्परा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं।
बीमारू राज्य था मध्य प्रदेश-खटीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने स्थापना दिवस के इतिहास से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पहले बीमारू राज्य था, परन्तु आज अभ्युदय मध्यप्रदेश के रूप में हमारा प्रदेश समग्र विकास, सुशासन और जनसेवा की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में श्रीमती सरोज राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जनकल्याण और विकास के साथ प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समाज को सशक्त बनाने और सामाजिक समरसता के लिए भी काम किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कहा कि यह दिन हमारे अतीत की उपलब्धियों का सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की नई प्रतिज्ञा का प्रतीक है। इस बात से इतना तो तय है कि प्रदेश में पहले भी याद करने लायक बहुत कुछ हुआ है।
प्रदर्शनी में नजर आई योजनाओं की खूबसूरती-
जमीनी स्तर पर विभागीय योजनाएं की दशा भले ही कुछ भी हो, लेकिन यहां प्रदर्शनी में लगी तस्वीरों से लगता है कि प्रदेश में खुशहाली चारों ओर बरस रही है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका अतिथियों ने निरीक्षण किया तथा सराहना की। इस दौरान अनेक विभागों ने प्रदर्शनी में भागीदारी की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
एकादशी होने से रोशन रही रात्रि-
नगर में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर जरूर रोशनी नजर आई। कहा जा रहा है कि देव उठनी एकादशी के कारण लोगों के घरों में तुलसी विवाह एवं एकादशी पर पूजा-अर्चना एवं आतिशबाजी की गई। दरवाजों पर दीप जलाए गए। बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की। गांव-गांव और शहर-शहर देव उठनी एकादशी एवं प्रदेश स्थापना दिवस होने से अनेक आयोजन किए गए। कहा तो यह भी जा रहा है कि लगातार बारिश के चलते यहां मैदान में यह आयोजन करना संभव नहीं था। जिस कारण से कम जगह में ही यह कार्यक्रम किया गया। अब वास्तविकता क्या रही, इस बारे में कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। प्रदेश स्थापना दिवस एवं एकादशी एक साथ होने से शहर के गलियारों एवं घरों पर रोशनी जरूर नजर आई।

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