
टीकमगढ़। यूं तो छोटे बस स्टेंड पर समस्याओं की कमीं नहीं है। एक ओर जहां बदबू और गंदगी का आलम बना हुआ है, वहीं यहां सुलभ काम्पलेक्स या पेशाब घर आदि का अभाव बना हुआ है। दूर-दूर से आने वाली महिला सवारियों को यहां अच्छी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां बनें कंडम पेशाबघर की दशा इतनी खराब रहती है, कि वहां से निकलना भी मुश्किल होता रहा है। इस इलाके में जहां असमाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है, वहीं मदिरालय की दूरी भी यहां से अधिक नहीं है। पुराने बस स्टेंड की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के बिगडऩे से यहां बाहर से आने वाली खासकर महिला सवारियों की परेशानियां कुछ अधिक ही देखी जा रही हैं। यहां बता दें कि पुराने बस स्टेंड या छोटे बस स्टेंड की मूलभूत समस्याओं की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। जबकि पहले यहां पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती रही, जिससे महिला सवारियों में सुरक्षा को लेकर भय नहीं रहता था। रात होते ही यहां के पुराने बस स्टेंड पर चहल-पहल कुछ अधिक नजर आने लगती है। रात में महिला सवारियां नवीन बस स्टेंड की दूरी अधिक होने से वहां न जाकर पुराने बस स्टेंड से ही बैठती आ रही हैं। यहां यात्री बसों के लिए महिला सवारियों को जहां घंटों बैठना भी पड़ता है, वहीं बाहर से आने वाली यात्री बसों की महिला सवारियों को भी यहां शौचालय की आवश्यकता बनी रहती है। महिला यात्रियों को अधिकांश इधर-उधर भटकते देखा जा सकता है। रात्रि में यहां घूमने वाले मनचलों एवं शराबियों के कारण जहां महिलाएं भयभीत बनी रहती हैं, वहीं यहां पेशाबघर का अभाव होने के कारण भी महिलाओं की परेशानी अधिक हो जाती है। ज्ञात हो कि यहां से रात्रि में इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर सहित अन्य स्थानों के लिए बसों का आना-जाना लगा रहता है। इसके साथ ही यहां बनें होटलों पर भी अधिक संख्या में ग्राहकों का आना लगा रहता है, लेकिन यात्रियों एवं दुकानदारों को बेपर्दा होकर ही नालियों के आसपास फारिक होना पड़ता है। इस संबन्ध में पूर्व में भी कई बार यात्रियों एवं दुकानदारों ने प्रशासन का ध्यान अपेक्षित किया है, लेकिन यहां की यह मूलभूत समस्या आज भी बरकरार बनी हुई है। पुराने बस स्टेंड की बुनियादी समस्याओं को दूर किए जाने एवं यात्रियों के बैठने के लिए प्रतिक्षालय बनाए जाने की मांग लोगों द्वारा की जा रही है। कहा जा रहा है कि यहां किए जा रहे अतिक्रमण को हटाकर प्रतिक्षालय बनाया जाए, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेयजल की असुविधा बरकरार-
यहां बता दें कि पेयजल की असुविधा तो यहां के दोनों बस स्टेंडों पर बनी रहती है। यात्रियों के लिये यहां पुराने बस स्टेंड पर प्रतिक्षालय का अभाव बना हुआ है। नगर पालिका द्वारा हैंडपंप के पास व्याप्त गंदगी हटाए जाने एवं रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। यात्रियों ने रात्रि में पुलिस कर्मचारी तैनात किए जाने एवं शौचालय के साथ ही पेयजल आदि की व्यवस्था किए जाने की मांग की जा रही है। यहां चार पहिया वाहनों का जमावड़ा और उनके आसपास लगने वाले शराबियों के मेले को लेकर दुकानदारों में नाराजगी बनी हुई है। पुलिस प्रशासन और नगर प्रशासन से यहां की बुनियादी जरूरतों को पूरा किए जाने का आग्रह किया जा रहा है।








