
अपनी वाणी को बाण नहीं बल्कि शंख बनाएं-ब्रह्माकुमारी
छतरपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा छतरपुर जिला जेल में श्री राधे कृष्ण की झांकी सजाकर बड़े ही धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत में जेलर राम शिरोमणि पांडे एवं सभी बंदीगणों ने मिलकर आरती की और श्री राधे कृष्ण एवं सभी गोपियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। बीके रीना ने माखन चोरी का आध्यात्मिक रहस्य बताया और कहा कि श्री कृष्णा चोर नहीं थे। उन्होंने माखन नहीं बल्कि सबके गुण रूपी माखन को चुराया और स्वयं गुणवान बन गए।बीके कल्पना ने कहा कि देश में अमन चैन बना रहे इसके लिए श्री कृष्ण ने रणछोड़ का भी टाइटल स्वीकार कर लिया हमें भी समाज में परिवार में सुख शांति के लिए झुकना पड़े सहन करना पड़े तो हमें कर लेना चाहिए। अपनी वाणी को बाण नहीं बल्कि शंख बनाएं जहां भी बोलें ज्ञानयुक्त मधुर बोल ही बोलें।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नन्हे मुन्ने बाल कलाकारों द्वारा श्री कृष्ण की बाल लीलाओं को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जिसने सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर दी और तालियों की गडग़ड़ाहट से जेल परिसर गुंजायमान रहा। सभी में खासा उत्साह दिखाई दिया। इस अवसर पर जेलर राम शिरोमणि पांडे ने कहा कि शासन की तरफ से जेल में जन्माष्टमी मनाने का आदेश आया और मैंने ब्रह्माकुमारी बहनों से निवेदन किया और उन्होंने इस निवेदन को स्वीकार करते हुए इतनी सुंदर झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा हमारे जेल में उत्सव का माहौल पैदा कर दिया इसके लिए मैं ब्रह्माकुमारी बहनों का धन्यवाद करता हूं। बंदी प्रशिक्षक उमेश ठाकुर और सभी बंदियों ने मिलकर ब्रह्माकुमारीज़ का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में आरती के पश्चात सभी ने श्री राधे कृष्ण से आशीर्वाद प्राप्त किया और महिला बंदियों ने भी झांकी के दर्शन किए तत्पश्चात सभी महिलाओं को बीके शिल्पा ने जन्माष्टमी का आध्यात्मिक रहस्य बताया।









