छतरपुर। ग्राम थरा की 9 वर्षीय मासूम मोहनी अहिरवार के जीवन में एक अनोखी इंसानियत की मिसाल देखने को मिली है। खेलते समय ईंट गिरने से मोहनी का पैर टूट गया था। घायल बच्ची को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर रवि सोनी ने उसे देखा और उच्च इलाज के लिए रेफर कर दिया। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वे बाहर के अस्पताल नहीं ले जा सके।मोहनी के पिता छबिलाल अहिरवार जो महोबा रोड स्थित गुरुद्वारा में झाड़ू-पोछा का काम करते हैं, ने बताया कि बेटी के इलाज के लिए उनके पास इतने पैसे नहीं थे। ऐसे में डॉक्टर रवि सोनी ने मानवता दिखाते हुए जिला अस्पताल में ही बच्ची का ऑपरेशन कराया। न केवल ऑपरेशन नि:शुल्क किया गया, बल्कि दवाइयों का खर्च भी डॉक्टर खुद वहन कर रहे हैं। छबिलाल अहिरवार ने आभार जताते हुए कहा, डॉक्टर रवि सोनी ने हमारी बेटी को नया जीवन दिया है।डॉ. रवि सोनी जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ हैं और पहले भी कई गरीब मरीजों, खासकर बच्चों के इलाज में नि:शुल्क सहायता प्रदान कर चुके हैं। वे जन्मजात विकृतियों वाले सैकड़ों बच्चों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें विकलांग होने से बचा चुके हैं।










