टीकमगढ़। यूं तो ऐसे अनेक गांव हैं जहां गरीबों को सरकार ने पट्टे तो थमा दिए हैं, लेकिन जिन भूमियों के पट्टे दिए गए हैं, उन पर कब्जा नहीं दिया गया है। पट्टाधारी के हाल पहले से और भी बद्त्तर हो चले हैं। दबंगों ने पट्टे की जमीनों पर कब्जा कर रखा है और राजस्व अधिकारी, कर्मचारी है कि उनकी सुध तक नहीं ले रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं प्रदेश सरकार की गरीब कल्याणकारी मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिले में पट्टाधारियों को कब्जा दिलाए जाने एवं दबंगों के कब्जे से जमीनों को मुक्त कराए जाने की जरूरत है। यह बात सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेन्द्र केशवगढ़ ने कही। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा बगाज माता मंदिर पर ग्राम पंचायत केशवगढ़ के चार हितग्राहियों को पट्टे दिए गए थे, उन हितग्राहियों को आज दिनांक तक ना तो जमीन मिली है और न ही उनकी गरीबी दूर हो सकी है। यह हितग्राही अपना पट्ट लेकर अधिकारियों के दरवाजों पर दस्तक देते हुए घूम रहे हैं। श्री केशवगढ़ ने कहा है कि पट्टा थामें इन हितग्राहियों को आज दिनांक तक ना तो पट्टे मिले हैं और ना ही जमीन मिली है। हितग्राही देवेन्द्र केवट का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए पट्टों से जो खुशी चेहरे पर आई थी, अब वह मायूसी में तब्दील हो चली है। उन्होंने पट्टा और जमीन के लिए अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिल सका है। इसी प्रकार अरविंद आदिवासी का कहना है कि पिछले कई महीनों से वह चक्कर लगाते आ रहे हैं। अब तक उन्हें जमीन नहीं मिल सकी है। कहा गया है कि हितग्राहियों द्वारा एक पत्र लग रही जनसुनवाई में दिया गया, जिसमें उन्होंने पट्टा भी दिखाया। इस संबन्ध में जब पटवारी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा है कि मैं देखता हूं। श्री केशवगढ़ ने कहा कि ऐसी सरकारी घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं किया जाता है, जिससे हितग्राहियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।









