छतरपुर। जन शिक्षण संस्थान द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर संस्थान के कार्यालय में एक वाद विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संविधान की प्रस्तावना का वाचन करवाकर मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और न्यायपालिका के महत्व पर गहन मार्गदर्शन दिया गया।जन शिक्षण संस्थान द्वारा संस्थान के कार्यालय में संविधान दिवस के अवसर पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्थान के निदेशक अतीन्द्रमणि त्रिपाठी ने संविधान में उल्लिखित मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों एवं न्यायपालिका के विषय में व्याख्यान दिया और संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। कार्यक्रम अधिकारी कु. नेहा सिंह बुंदेला ने 26 नवंबर को संविधान दिवस की परंपरा शुरू करने की याद दिलाते हुए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अंगीकार किया गया था और 26 जनवरी, 1950 में इसे लागू किया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान को किस तिथि पर अंगीकार किया गया और किस तिथि पर इसे लागू किया गया। साथ ही, इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नागरिकों के लिए मौलिक अधिकारों का महत्व तभी है जब वे अपने कर्तव्यों को पूरी जिम्मेदारी से समझें और उसका पालन करें। प्रतियोगिता में कु. आकांक्षा अहिरवार प्रथम स्थान पर रहीं और कु. खुशबु कुशवाहा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर पंकज गुप्ता, प्रतिपाल सिंह, दीपक ठाकुर, श्रीमती आशिया, श्रीमती रागनी यादव, कुमारी वंदना, श्रीमती ज्योति कुशवाहा, कु. समीरा सहित काफी संख्या में प्रशिक्षिकाएँ एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।










